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शक

शक

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कहते हैं शक का इलाज तो हकीम लुक़मान के पास भी नहीं था। शक को कई समस्याओं की जड़ माना जाता है।इस शक की बीमारी को मनोविज्ञान मे Delusion(डिल्यूशन डिसऑर्डर) यानि भ्रम कहते है। Delusion गलत, कट्टर, और पक्के विश्वास से बनी हुई सोच या विचार को कहते हैं जिसको मानने की कोई वजह नहीं होती है और मरीज फिर भी उस सोच या विचार को पक्के विश्वास के साथ मानकर चलता हैं। वे उस खयाल के अलावा कुछ ओर मानने के लिए तैयार ही नहीं होता। उन्हे लगता है की जो वो सोच रहे है या फिर कर रहे है वो सब सही है और बाकी सब गलत।

बदलते माहौल में मौसम से बदलते कितने ही रिश्ते दबे पाँव आकर दस्तक देते हैं और जीवन में कुछ पल ठहर कर मौन ही लौट जाते हैं। सचमुच​ रिश्ते काँच से नाजुक जो कब चटक जाएं पता ही नहीं होता,जिनकी ज़रा सी चुभन भी मन को लहूलुहान कर देती है। झूठ की बुनियाद पर टिके दिखावटी रिश्तों का टूटना आम बात है पर सच्चे, पाक रिश्तों में आई ज़रा सी खरोंच भी कभी -कभी कितनी जानलेवा हो जाती है ।Delusional jealousy अर्थात बेवफ़ाई का भ्रम जिस में लगता है कि उसके पति या पत्नी का किसी और से affair चल रहा है। अकसर इस Delusion से भ्रमित इंसान “सबूतों” को बटोरने की कोशिश करता रहता है और जो वास्तव मे affair है ही नहीं उसको लेकर पति या पत्नी एक में झगड़ा और शक बना रहता है।ऐसा ही एक लघु उदाहरण मेरी कामवाली माया का है।

माया ८ वीं पास है कुछ शब्द इंग्लिश के भी बोल लेती है और खूब सूरत भी है। उसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि वह घरों में काम करती है। सब घरों में काम करके वह अक्सर देर से घर पहुंचती है तो उसका पति उसपर शक करता है।

सप्ताहांत में मैंने अपने यहां रात्रि भोज हेतु कुछ रिश्तेदारों को न्योता दिया चूंकि मैं कार्यरत हूं तो माया की सहायता की मुझे अक्सर आवश्यकता रहती है।जब मैंने देखा वह दो दिन से नहीं आ रही तो मैं उसके घर गई

और उसके शरीर पर पड़े घावों को देखकर हैरत में पड़ गई कि कोई शक के कारण अपनी पत्नी को इतनी निर्दयता से कैसे पीट सकता है। वो अक्सर कहती थी-” मैडम जी मेरा मर्द बहुत शक करता है, इसलिए कभी मेरा फोन चैक करता है तो कभी मेरा पीछा भी कि मैं कहां कहां जाती हूं।”

और उस मूर्ख आदमी के शक की वजह बेबुनियाद है कि उसकी पत्नी का अफेयर चल रहा है। यह शक धीरे बढ़ता गया और फिर इतना बढ़ गया की उसने अपनी पत्नी पर निगरानी रखनी शुरू कर दी और उसका बाहर आना जाना बंद कर दिया। फिर भी उसे तसल्ली नहीं हुई और वो अपनी पत्नी की जान लेने पर उतारू हो गया।


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