STORYMIRROR

Niraj Kumar

Horror

4  

Niraj Kumar

Horror

रास्ते का भूत

रास्ते का भूत

2 mins
34

मैं दिल्ली के एक फैक्ट्री में साफ सफाई का काम करता हु। मेरा घर फैक्ट्री के 5 किलोमीटर की दूरी पर घर है। मेरे पास एक साइकिल है, जिससे में अपने घर से फैक्ट्री और फैक्ट्री के घर आता - जाता हु। एक दिन जब में फैक्ट्री के घर जा रहा था तो रास्ते में मुझे एक लड़की दिखाई दी और वह मुझे घूर - घूर के देख रहीं थी।


मैं उसे टालते हुए अपने घर की ओर निकल पड़ा, दूसरे दिन फिर वही लड़की मुझे उसी जगह पर दिखाई दी और वह मुझे फिर से घूरने लगी फिर भी मैंने उसकी तरफ पलट के नही देखा और अपने घर की ओर निकल पड़ा। मै उसके पास रुका भी नही क्योंकि मुझे उस लड़की से डर लग रहा था। वह लड़की कई दिनों तक मुझे देखती रहती थी।


एक दिन वह लड़की कहीं पर दिखाई नही दी, तो मैं सोच में पड़ गया ऐसा क्या हुआ जो वह लड़की आज नही आई..... पर में आपने रास्ते की तरफ निकल गया। एक हफ्ते बाद मेरे घर पर एक चिट्ठी आई और मुझे पता चल गया था की यह चिट्ठी उसकी ही है उसमे उसका नाम प्रीती लिखा हवा था और उसमे से एक फोटो निकली थी, जो की किसी लड़की से थी। में चौक गया की उसे मेरा पता कैसे चला।


उस चिट्ठी में लिखा हुआ था की कल जब फैक्ट्री से निकलो तो जहां पर में खड़ी रहती थी वहा पर मेरा इंतजार करना उसके दूसरे दिन में वहा पर पहुंच गया तो वह लड़की वहां पर नही आई बहुत काफी इंतजार करने के बाद में वापस अपने घर आ गया, तभी मुझे याद आया की वो जो चिट्ठी आई थी उसमे उसका पड़ा तो होगा। फिर में अगले दिन उसके चिट्ठी के अनुसार उसके घर मिलने के लिए आ गया और दरवाजा की घंटी बजते ही एक आदमी दरवाजा खोलते हुए बोला क्या काम है तो मैने बोला की मुझे प्रीति से मिलना है। तो इस आदमी ने कहा में प्रीति के पापा ही और प्रीती को मारे हुए 2 महीने हो चुके हैं। ये सुनते ही मेरे हाथ- पैर कांपने लगे और में सोच में पड़ गाया की वह लड़की जो मुझे रास्ते में मिली थी और जिसने मुझे चिट्ठी भेजी थी, वह कौन है? मुझ लगा की वह उसकी आत्मा होगी।


तभी प्रीती के पापा ने मुझे दिखाया की देख लो उसको तस्वीर पर माला पड़ा हुआ है, तभी में भागकर अपने घर पहुंचा फिर मैंने उस चिट्ठी को जला दिया और उसके बाद से मैने कभी भी अनजान लोगो से मिलना और बात कर्ण बंद कर दिया।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Horror