Shweta Vyas

Romance


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Shweta Vyas

Romance


प्यार और रोमांस

प्यार और रोमांस

2 mins 140 2 mins 140

शादी के सात साल बाद बहुत कुछ बदल गया । फ़ोन पर “ पहली मुलाक़ात “, “ पहला गिफ्ट “ ,”पहली बारिश की बजाय “ आते वक़्त धनिया टमाटर लेते आना “, “ डायपर बड़े साइज़ वाला लेना है “ बातें ज्यादा आम होने लगी । सुकून से शाम की चाय पर एक दूसरे को तकते अपने भविष्य के सपने सजाते सजाते आज पांच मिनट बैठकर बात नहीं कर पाते । बेधड़क मोटरसाइकिल लेकर लोनावला के लिए निकल जाते भरी बारिश में , आज बाज़ार जाने के लिए दो दिन पहले प्लानिंग करते हैं । कितना कुछ बदल गया ,सब कुछ पहले है ,घर,परिवार,बच्चे ,रिश्ते ,जिम्मेदारियां ,बस अगर कुछ नहीं है तो “ रोमांस”।


अलमारी की सफाई करते करते एक दिन हरे रंग का पुराना कागज़ हाथ लगा । जैसे ही खोलकर पढ़ने वाली थी कि पीछे से कवी ( मेरे पति ) आ गए और तुरंत कागज़ छीनकर अपने पास ले लिया । कौतुहल वश मैं उनसे कागज़ लेने की ज़द्दोज़हद करने लगी । बड़ी नाकाम कोशिशों के बाद आखिर हार मनवाकर वो मुझे कागज़ देने को राज़ी हो गए। वो हरा कागज़ पहला “ हाथ से बनाया हुआ “ कार्ड था जो मैंने उन्हें शादी से पहले दिया था । मुझे खुद याद नहीं था वो कार्ड ।

“ ये तो मेरी ही लिखावट है !!” चौंक कर मैंने कहा

“हाँ !! तुमने पहली बार मेरे लिए कुछ लिखा था “ कह कर वो फ़ोन में देखने लगे ,चुप चाप ,शांत ,तल्लीन । घर की एक चीज़ मेरे बगैर बाताये उन्हें मिलती नहीं और इतना सा कागज़ संभाल कर रख लिया । वो भी बेतरतीब सा,कुछ ज्यादा ख़ास नहीं ,बिगड़ी सी लिखावट में । और मैं उन्हें देखती रही । वो मगन थे अपने फ़ोन में ।

यही छोटी छोटी यादों को सहेज लेना शायद प्यार है उनके लिए ।

“ रोमांस “ शायद समय के साथ फीका पड़ सकता है पर “ प्यार “ कभी नहीं । हम अक्सर रिश्तों को उनके दिखाने या जताने के तरीकों से आंक लेते हैं लेकिन वो हमेशा उसी तरह हमारे साथ होते हैं जैसे फूलों में सुगंध । सूखने के बाद भी किताब के उस पूरे पन्ने को महका देती है ।प्यार दिखावे की उन सभी सीमाओं से परे है । हो सकता है कभी ये समर्पण मांगता है कभी सुकून कभी समय लेकिन हमेशा बिखरा होता है ,हमारे आसपास ,हमारे अन्दर । उन छोटी छोटी सारी बातों में । “ तुम टाइम पर खाना क्यूँ नहीं खाती “ से लगाकर “ तुम ही देख लो ना “ तक । गाजर के हलवे में इलाइची की महक सा है प्यार , दिखता नहीं लेकिन कब इसकी खुशबू हलवे का स्वाद और महक दोनों बढ़ा देती है,पता ही नहीं चलता ।   

 


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