anuradha nazeer

Drama


4.2  

anuradha nazeer

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प्रापत करना हो तो व्यस्त रहना

प्रापत करना हो तो व्यस्त रहना

1 min 135 1 min 135

अगर समाज मे रहने वाले अपने बच्चों को सही ढंग से प्रेरणा किया है तो बच्चे सफल हो पाएँगे। अब मेरा बेटा बैंक मैनेजर और मेरी बेटी वकील बन गई। समाज में रहने वाला हर व्यक्ति अपनी मंजिल छू सकते हैं।

सही रास्ता चयन कर किसी को धोखा न देकर हमें अपना काम करना हैं। राजी हमेशा बच्चों को डाँटती रहती थी लेकिन अब पता चलता है कि क्यूम उसने हमेशा बच्चों के पीछे रही। अगर कुछ प्रापत करना हो तो व्यस्त रहना है।


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