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Dinesh Dubey

Horror Fantasy Thriller

4  

Dinesh Dubey

Horror Fantasy Thriller

पंचम भाव 7

पंचम भाव 7

5 mins
252

सामने जो आदमी खा रहा था, उसे देख यह लोग चौकते हैं, क्योंकि इतना खाना तो साधारण आदमी खा ही नही सकता था, वह अपना लिस्ट निकलते हैं तो उसमे तीसरा नाम था रेचक और यह शायद रेचल ही था।

इस बार अवधूत सबकी और देखता है और इशारा करता है की वह जायेगा, उसी समय एक वेटर उसके लिए खाना लेकर आता है तो अवधूत उस से वह ऑर्डर लेकर उसे बाहर भेजता है, और खुद उसका रूप धारण कर उसके पास जाकर प्लेट्स सामने रखता है, और उसकी आंखो में झांक कर कहता है, " और क्या खाओगे रेचक और कितना खाओगे दूसरो के लिए कुछ भी नही छोड़ेंगे।

वह आदमी सर उठाकर उसे देखता है और कहता है, " कौन रेचक, तुम कौन हो और क्यों परेशान कर रहे हो मुझे भोजन करने दो कई दिन से खाया नही हूं, "!!

अवधूत उसका हाथ पकड़ता है तो दोनो को ही झटके लगते हैं, रेचक उसकी ओर देख गुर्रा कर कहता है, " कौन हो तुम।?

अवधूत कहता है", तुम शैतानों का काल हूं।

यह सुनते ही रेचक उसे अचानक उठा कर जोर से पटक देता है, और कहता है " हम खुद काल हैं हमारा काल कौन हो सकता है।

अवधूत को बहुत तगड़ा मार लगता है, एक क्षण के लिए वह विचलित हो जाता है, दरअसल उसने उसे थोड़ा हल्के में भी ले लिया था, अवधूत को गिरते देख उसके चारो साथी रेचक को घेर लेते हैं, कारक रेचक को पीछे से पकड़ कर पटकता है, रेचक इस अचानक हमले से बौखला जाता है, और नीचे गिरते ही वह पलटी मार कर तुरंत खड़ा होकर चारो ओर देखता है।

तो उसे पंचम दिखाई पड़ते हैं, वह गुर्राकर कहता है, "अच्छा तो पूरी तैयारी के साथ आए हो मुझे पकड़ने के लिए तो तुम लोग नर्क के रक्षक हो।

अवधूत खड़े होते हुए कहता है, " जी नही हम देव हैं, और जितने भी शैतान नर्क से भागे हैं उन्हे पकड़ने आए हैं।

रेचक कहता है, " अभी तो आए ही इतने जल्दी आने की जरूरत क्या थी, थोड़ा हमे भी मस्ती कर लेने दो अभी तक तो हमे समझ ही नही आया था की हमे करना क्या है।

चरक कहता है, " इतना मस्ती बहुत हो गया, अब अच्छे बच्चो की तरह हमारे साथ चल दो।

रेचक कहता है, " बच्चो को पकड़ा नही जाता उन्हे खेलने दिया जाता है, तो तुम लोग यहां से जाओ।

शैतान रेचक बाते करते करते वह भागने का मौका भी देख रहा था, वह अचानक तेजी से इस शरीर को छोड़ बाहर को और भागता हैं।

पंचम तो पहले से तैयार थे पर इतनी तेज़ी की उम्मीद नही थी, वह सब भी उसके पीछे जाते हैं।

शैतान रेचक के बाहर जाते जाते श्रमक उसके पैरो को पकड़ लेता है और उसे तेज़ी से घुमाने लगता है तो शैतान अचानक अपने आप को इतना बड़ा कर लेता है कि वह श्रमक के हाथ से निकल जाता है, और एकदम छोटा सा बनकर भागने लगता है, तो अवधूत एक बारीक जाली के जाल से उसे पकड़ता है, और उसे उसमे फसा कर जोर से पटकता है तो रेचक बहुत तेज़ निकलता है वह एकदम से चींटी के आकार का होकर जाली से बाहर आ जाता है, और अचानक बड़ा होकर वह चरक को पकड़ कर पटकना शुरू कर देता है, ।

चरक भी रेचक का ही तरीका अपना कर खुद को एकदम छोटा कर लेता है और उसके हाथ से निकल कर एकदम से बड़ा होकर उस से भिड़ जाता है, बाकी चारो लग उसके चारो ओर घेरा बंदी कर लेते हैं।

चरक और शैतान में जम कर लड़ाई होती है, शैतान को अकेले हराना इनके बस की बात नही थी, इसी लिए देवताओं ने पांच लोगो को भेजा था, ,चरक को कमज़ोर पड़ता देख नैवैध भी उसका साथ देने पहुंच जाता है, शैतान अपनी पूरी शक्ति लगाकर दोनो को एक झटके में दूर फेंकता है,  

दोनो ही गिरते है, शैतान रेचक सामने खड़े अवधूत को तेज़ी से एक झपट्टा मारता है और उसके पास से निकल कर बाहर भागता है, सभी उसके पीछे जाते है।

रेचक बाहर आकर तेज़ी से ऊपर भागता है पंचम भी उसी तेजी उसके पीछे भागते हैं खुले में आने के बाद पंचम अपने हाथ मिलाकर मंत्रोच्चार शुरू करते हैं, सामने आसमान में जाता दिख रहा था, उनके हाथो से रोशनी निकलती है, और तेज़ी से 

रेचक की ओर जाती है, ये सब भी उसी तेजी से जाते हैं, रेचक रोशनी को आते देख लेता है और वह रोशनी के पास आते ही एकदम से छोटा रूप लेता है, रोशनी उसके ऊपर से निकल जाती है, ,तब तक कारक उसे देख लेता है, और वह एक लोहे की डिबिया बना कर उसे उसने डाल देता है।

शैतान डब्बे में ही उछलने लगता है, तभी अवधूत एक और डिब्बी बनाते हैं, और उस डिब्बी को उसमे डाल कर बंद करते हैं, "!!

रेचक अंदर फस जाता है, वह निकलने के लिए प्रयास करने लगता है, वह अपने शरीर को बढ़ाने लगता हैं तो दोनो डिबिया टूट जाती है, यह देख पंचम तुरंत ही हाथ मिलाकर एक नया वलय बना कर उसके ऊपर डालते हैं, तो वह फस जाता है, क्योंकि वह जैसे ही वह डिबिया तोड़ता है तब तक वलय बन चूका था, और वह उसमे फस गया।

पंचम मंत्रोच्चार शुरू करते हैं और उसे तुरंत ही ऊपर भेजते है, ऊपर जाकर उसे भी उसी प्रकार अग्नि के तारों से बांधकर अग्निकुंड में डालते है, कोटक उसे देख कर हंसता है, और कहता है,"" आओ आओ बहुत जल्दी आ गए।

रेचक कहता है, " तुम दोनो मुझसे पहले ही आ गए हो, अब यहां से कैसे निकलेंगे।

कोटक कहता है, " सबको आने दो फिर सोचेंगे।

पंचम लिस्ट देखते हैं तो उसमे दो शैतानों के नाम दिखाई देता है, किंचल और गोकार, पंचम अपने हाथ मिलाकर ध्यान लगाते हैं, तो उन्हे दोनो यहां से बहुत दूर कहीं हैं, वह सब दिशा निर्देश देखते हैं तो उन्हे दक्षिण की ओर निर्देश मिलता है, वह तुरंत ही उस ओर निकलते हैं,"!!


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