मैं पुरुष हूँ तो क्या हुआ?
मैं पुरुष हूँ तो क्या हुआ?
"क्षमा कीजिए, आप महिलाओं के लिए सुरक्षित सीट पर बैठे है!"
सुनीता ने आराम से बस में महिला सीट पर बैठे पुरुष से कहा। तो उस पुरुष ने तमककर जवाब दिया,
"तो क्या हुआ मैम! कभी-कभी आप लोग भी तो हम पुरुष की तरह खड़े होकर सफर कीजिए। मेरे पैर में दर्द है। अगर आज मैं पुरुष होकर महिलाओं की आरक्षित सीट पर बैठ गया तो क्या हो गया? अन्य दिनों में तो आप महिलाएं बैठती ही हैं। और जब आप लोग स्त्री पुरुष की बराबरी की बात करती हैं तो आज अगर एक पुरुष महिला की सीट पर बैठ गया तो आपको थोड़ी सी मेरी मदद करनी चाहिए।
उस व्यक्ति की आवाज और बात में दम था।
इसलिए सुनीता शांत हो गई और
और उसने उस दिन खड़े-खड़े बस में सफर किया।
