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Sheikh Shahzad Usmani शेख़ शहज़ाद उस्मानी

Inspirational


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Sheikh Shahzad Usmani शेख़ शहज़ाद उस्मानी

Inspirational


लोकल अन्डरस्टैंडिंग

लोकल अन्डरस्टैंडिंग

2 mins 58 2 mins 58

वाइरस जनित महामारी काल में लॉकडाउन की पीड़ा सहने के बाद अनलॉक-3 की अनकही पीड़ायें। फ़ीका-फ़ीका सा हर त्योहार। धारा-144 और गाइडलाइंस अनुसार स्वाधीनता दिवस वर्षगांठ का औपचारिक आयोजन। कइयों के अरमान मचल रहे थे। महामारी संक्रमण से पीड़ित पॉजिटिव एक युवा सरकारी अस्पताल के कक्ष की खिड़की से स्टेडियम में चल रहे कार्यक्रम को किसी तरह देखने की कोशिश कर रहा था।


सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाते कुछ युवा उधर सड़क पर राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुऐ हाथ ऊपर लहरा-लहरा कर ऊंँचे स्वर में राष्ट्र भक्ति के नारे लगा रहे थे और इधर उस युवा का हाथ बरबस ही ऊपर उठ गया और उसके होंठ कुछ बुदबुदाने लगे। यह सब एक नर्स ने देख लिया।


"उधर मत देखिये आप! इधर देखिए!... देखिये किस तरह लोग नियमों और गाइडलाइंस का पालन कर सुरक्षित पंद्रह अगस्त मना रहे हैं!" नर्स ने अपने स्मार्ट फ़ोन पर एक लाइव कार्यक्रम दिखाते हुए कहा, "सब अंडरस्टैंडिंग की बात है! जानकारी सभी को है... लेकिन देशभक्ति का सेन्स नहीं है!"


वह नर्स के मधुर स्वर में सब कुछ सुनते हुए उसे स्थिर निगाहों से देखने लगा।


"आप यहाँ पूरी गाइडलाइंस फॉलो कर रहे हैं! यह भी भक्ति ही है!" यह कहते हुए नर्स ने उसे आज की दवा-ख़ुराक दी और बोली, "ज़ल्द ही आप भी ठीक होकर डिस्चार्ज़ हो जायेंगे! घर जाकर सबको समझायेंगे, तो वह भी देशभक्ति ही होगी और सेलिब्रेशन भी! आज़ादी की अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए सब में, बस!"



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