Anshu sharma

Inspirational


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कुछ बदलाव, कोरोना से बचाव

कुछ बदलाव, कोरोना से बचाव

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 जीवनशैली में बदलाव, बचाव कोरोना वायरस से


हर जगह कोरोना वायरस का ही नाम है। इसकी अभी कोई भी दवाई नहीं इजाद की गई है। पहले भी वायरस हुआ करते थे। कुछ मजबूत वायरस जैसे कि चिकन पॉक्स और पोलियो की हुए हैं जिन्हें खत्म करने में सालों लग गए और उनकी वैक्सीनेशन तैयार हो पाई। इसी तरह कुछ हल्के कमजोर वायरस होते हैं जो कि सर्दी, जुखाम और बुखार के और दवाइयों से सही भी हो जाते हैं।

 पर कोरोना वायरस एक ऐसी विश्व महामारी के रूप मे फैला  है जो कि चीन के वुहान से शुरू होकर अब पूरे देश में दुनिया की फैल गई है। कुछ देश नहीं भी वायरस के सक्रंमण मे आए क्योंकि वह छोटे थे और उनका आयात निर्यात का कोई व्यापार नहीं था ।

कोरोना की शुरुआत हमारे देश मे कम संख्या से हुई थी इसके अलावा भी बहुत सावधानियों से नियम पालन किए गए और और इसका एक ही उपाय समझ में आया है दूरियाँ दूर ही रहे सबसे...।

..मास्क पहनो और जो सामान घर में लाएं आप उसे अच्छे से साबुन के पानी से, गर्म पानी से धोए। घर से बाहर नही जाए। बहुत सारे लोग को लापरवाही करते हुए देखे जाते हैं वह लोग ऐसे चले जाते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं। देश के लिए कुछ ऐसा नियम निकलता तो यह लोग पता नहीं क्या करते !अब तो इनकी जिंदगी का सवाल है तब यह लोग मास्क लगाने से कतराते हैं और बेहिचक जा कर सामान खरीदते हैं। इसका असर खुद पर तो उनके होगा ही और बीस लोगों पर इसका असर हो सकता है।

यह कोरोना मनुष्यों के लिए अभिशाप, पर प्रकृति के लिए वरदान है।

 घर पर रहने से बहुत वातावरण मे बदलाव आया है। पहले लोग सनातन धर्म का मजाक बनाते थे हाथ जोडना शान के खिलाफ समझते थे। अब वही देश से हो या विदेश से हाथ जोड़ कर अभिवादन कर रहे है।शाकाहारी नही बनना चाहते थे ,आज वो ही मांसाहार छोड रहे है। प्रदूषण बहुत बढ़ गया था। 

 गाडिय़ों का आना जाना कम हुआ तो प्रदूषण कम हुआ । नदियाँ प्राकृतिक रूप से साफ हो गयी। क्योंकि मनुष्य ने गंदगी नही डाली । घर मे सामान केवल जरूरी ही आपको मिल पा रहा है ,जैसा कि पहले के लोग करा करते थे अब सब अपनी जीवनशैली में बदलाव आ गया है। पहले के लोग मुंह पर हमेशा गमछा रखा करते थे और घर के बाहर एक पानी से भरी बाल्टी होती थी । घर में आने से पहले हाथ, पैर धोकर ही घर के अंदर आया करते थे।बाहर की चपले बाहर ही उतारते थे और नंगे पैर ही घर में रहते थे । जिससे बैक्टीरिया वायरस घर मे नही आते थे। हल्दी ,अदरक ,मसाले प्रयोग करके आप प्रतिरोधक क्षमता बढा सकते है ।पहले सभी घरो मे मसाले उसी खाने के अनुसार डाले जाते थे। जीरा,हल्दी मेथी,अजवाइन, धनिया, हींग, काली मिर्च सभी पाचनक्रिया मे मददगार होते है जिससे बैक्टीरिया, वायरस से बचाव भी होता है। आते थे। कोरोना वायरस के कारण भी सब लोग कर रहे हैं ।और क्योंकि सामान कम उपलब्ध है इसलिए सब घर में ही अपना शुद्ध खाना बना रहे और ना बर्गर ,पिज़्ज़ा बाजार से आ रहा है ना इस आगसक्रीम बाजार से आ रही है। ना होटल में लोग जा रहे हैं ।आदत पड़ जाने से बच्चे भी जिदद नही कर रहे।सब बदल गया है और इस एक अच्छा बदलाव है और घर में रखे सामानों से ही मिठाईयां और घर के नाश्ते और खाने बनाए जा रहे हैं ,जो चीज हमारे शरीर को हानिकारक थी वह हमें मिल ही नहीं रही और हम उन्हें खा भी नहीं रहे हैं ।शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढिया हो जाएगी, शुद्धता से खाना खा रहे है। और प्राकृतिक चीजो का प्रयोग कर रहे है। आर्युवैदिक अपना रहे है। योग ,प्राणायाम कर रहे है। गंदगी नही फैला रहे नही तो सड़कों पर नदियों मे ,समुद्र मे ,जंगल सभी को.मनुष्यों ने खराब कर दिया था।

यह सब के लिए सकारात्मकता भरी चीज है जो हमें बात बाद तक अपनानी होगी। और ये हमे देश को सही करने करने के लिए सहायक होगी। 

पृथ्वी आगे भी बनी रहे ,हमे ये शैली अपनानी होगी।

जिंदगी से बढ़कर कुछ भी नही , ना पैसा, ना घर । अपने और परिवार के जीवन के लिए जीवन शैली मे परिवर्तन लाना जरूरी है । अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए और बिमारियों से अपने को दूर रखे ।



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