Bhawna Kukreti

Drama


4.8  

Bhawna Kukreti

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"कोरोना लॉकडाउन-14(आपबीती)"

"कोरोना लॉकडाउन-14(आपबीती)"

5 mins 208 5 mins 208

कल पूरे उत्तराखण्ड में एक भी कोरोना का मरीज नहीं, ये राहत वाली खबर है।

पता नहीं इस एकांत की आदत पड़ गयी है या ऐसा ही है कि सब स्लो मोशन में है। धीमी सी मगर चल रही है जिंदगी, मानो खेतों के बीच से, नई बनी सड़क पर, बैलगाड़ी में मुह पर कपड़ा डाले हुए लेटे चले जा रहे है। अब कवियों की तरह कल्पना में रहने लगी हूँ, हर बात पर उपमाएँ चली आ रही दिमाग में। सोच रही हूँ कि 21 दिनों वाले इस डायरी चैलेंज में आगे के दिनों में क्या लिखूंगी..कवितायें ? सोच रही हूँ कि ब्लॉगिंग फिर शुरू कर दूं।

ब्लॉगर पर अपना ब्लॉग KuchhLikhaSa बना लिया है। ऐसा लगा जैसे में किसी बगीचे में फिर से बहुत समय बाद आई ।वहाँ पहली पोस्ट अपने ऊपर ही लिख दी है, खुद से प्यार करना, खुद की इज़्जत करना बहुत जरुरी होता है न!! अपनेपन में बिछे रहने से पायदान सी हालत हो जाती है ।ख़ैर, पहली बार फोटो के उपर लिखा।उतना अच्छा नहीं बना पर कोई नहीं शुरुआत की है। अब उस पर भी लिखा करूँगी।

आज अभी थोड़ी देर पहले फिर टी कॉन से जुड़ी, आज क्लास में इंग्लिश कैसे पढ़ाई जाय इस पर चर्चा थी।कोई सौरभ सर थे, सिस्टेमेटिक चल रहे थे, फिर सब टीचर्स ने अपने अपने एक्सपेरिएंस शेयर किए ओर डिसाइड हुआ कि सब एक-एक क्लास के लिए टीचिंग प्लान तैयार करेंगे, आखिर में दीपक सर ने क्लास थर्ड में इंग्लिश टीचिंग के लिए एक प्रिलीमरी प्लान बनाने का जिम्मा दे दिया।मना नहीं कर सकी।पर करूँगी कैसे? चलो देखते हैं क्या होता है।

2 बजे मुझे दवाओं से नींद सी आ रही थी तभी इन्होंने मेसेज भेजा की सहारनपुर को आज रात 12 बजे से 15 अप्रैल तक सील किया जा रहा है। कोरोना हॉटस्पॉट मिले हैं। हे ईश्वर अब क्या होगा? ये तो वहां फंस गए। ये कैसे आएंगे, मम्मी जी की दवा भी खत्म हो रही है। मम्मी जी मेरी बेचैनी देख कर कह रहीं है की घबराओ मत योगी जी कुछ करेंगे।

अभी मेसेज किया"तुम कहाँ हो अभी ?", "वजह क्या है ", " plz call", फिर इनको वीडियो काल भी किया तो इन्होंने एक पल खुद को दिखा कर काट दिया, और दो मेसेज किये, "जमाती" और "अभी अफरा तफरी"। सच मे उस कुछ सेकंड में पीछे से ऑफिस के माहौल में बहुत खटर-पटर सुनाई दी थी, अमूमन सिर्फ इनकी निर्देश देते, टाइपिंग और कुछ लोगों की फोन पर अपडेट लेते हुए आवाजें होती थी। ईश्वर इनकी रक्षा करें, सबकी रक्षा करें।

FB पर जान आलम सर(हमारे मेंटोर) की पोस्ट पढ़ी । उस से पहले क़ुदसियाह( मेरी सहेली) ने भी शेयर की थी ।सही लिखा है, ये जमाती पूरी मुस्लिम कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व नहीं करते। लेकिन ये भी तो है कि ज्यादातर पढ़े लिखे मुस्लिम समाज के लोग आगे आकर इन जैसे लोगों की मजम्मत भी तो नहीं करते। ये आगे आएं तो लोगों में और भी भरोसा बढ़े। इस तरह के लोग हिंदुओं में मिलते हैं तो हम लोग खुल कर उनको कंडेम करते है। ख़ैर मन ये कहता है की किसी भी धर्म मे जो लोग अच्छे हैं वे बहुत अच्छे हैं, जो बुरे हैं वो बहुत बुरे हैं।

मम्मी जी बेटे को न्यूज़ लगाने को बोल रही है कि देखें योगी जी क्या कर रहे हैं। क्या हाल है सहारनपुर पुर में कुछ हुआ तो नहींं है, टी वी पर कह रहे हैं कि मोदी जी ने कहा है सोशल इमरजेंसी की हालत, लॉक डाउन बढ़ेगा।58 कोरोना इन्फेक्टेड जमाती महाराष्ट्र में फरार बताए जा रहे हैं। मीडिया वालों, पोलिस, हेल्थ सर्विस को आवाजाही की छूट होगी। शुक्र है ईश्वर, अब ये आ सकते हैं।

अब ये सब हो क्यूं रहा है, ज्वालापुर में दो कोरोना पोसिटिव मिले हैं, दोनों जमाती हैं। वे जब से आये उन्होंने या उनके परिवार में से किस ने सूचित नहीं किया। न खुद हॉस्पिटल जाकर अपना चेक आप करवाया।अब पूरा इलाका सीज कर दिया गया है। अब दिल मे आ रहा है कि जो लॉक डाउन में छूट मिली है उसे बंद कर देना चाहिए। उस दरम्यान लोग जाते रहते हैं एक जगह से दूसरे जगह। सरकार को आवश्यक समान के लिए डोर टू डोर सर्विस कर देनी चाहिए।

मेरी स्कूल इंचार्ज को मैंने फोन किया था। उनका मायका उसी जगह है। उनसे पता चला कि हमारे साथ कि मैंम की लॉक डाउन में ड्यूटी आयी है। सबकी लगभग लग ही रही है। मेरी आयी तो कैसे करूँगी?

मम्मी जी परेशान हो गईं है। कह रही है की क्या बनाऊ? कुछ अच्छा नहीं लग रहा है। ऐसा उन्हीने पहले कभी नहीं कहा। कुछ देर पहले उन्होंने संतरा खाया तो आकर बोलीं की संतरा कड़वा लग रहा है। छू कर देखा, उनको बुखार नहींं था।शायद संतरा ही खराब रहा होगा। एक संतरा और था उनके पास, मैंने उसे खा कर चैक किया वो मीठा था, कहा इसे खाइये ये मीठा है तो ज़रा झिझकी, फिर दो फांके ले लीं। डरी हुई हैं । सुबह एक वीडियो में एक फल वाले को फ़लों पर थूक लगते देखा था। असल मे टी वी पर, सोशल मीडिया पर कोरोना के संक्रमण को लेकर इंसानो की ऐसी- ऐसी हरकतें-बातें आ रही हैं कि जिस से इंसान का विश्वास आम इंसान पर से हट रहा है।

कोरोना अब पुराने बहुत पुराने दोस्तों से भी मिला रहा है।आज 12th की कोचिंग के दोस्त इख्तियार का फोन आया। अपना पूरा ग्रुप याद आ गया। उसके कांटेक्ट में एक को छोड़कर बाकी सब हैं।हम 7 लोगों का ग्रुप हुआ करता था।इख़्तियार हुसैन, गुरमीत सिंह, संदीप सोनकर, नवीन सोनकर, दीपक सिंह, कुदसिया और मैं। वाह !! वो भी क्या भोले से दिन थे ।दीपक की बहन की शादी में हम सबका आखिरी बार मिलना हुआ था। बताओ ज़रा सन 94 से आज सन 2020 हो गया। उसकी वाइफ हरिद्वार में फंसी है, इनसे कुछ उम्मीद है उसे।पता नहीं पूरी कर पाएंगे या नहींं।देखो कहूंगी इनसे अगर कुछ बन पड़े तो, फिलहाल तो 15 तक तो लॉक डाउन ही है।खैर उस कोचिंग के नाम पर अब शायद एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनेगा, जिसमे हम सब फिर साथ होंगे।

यार, फिर न्यूज़ आयी है कि सहारनपुर में 6 और कोरोना पोसिटिव मिले। आज फिर नींद नहीं आने की।इनसे कहा किअपनीऔर हम सब की खातिर अपना ख्याल रखना। फिर इख्तियार की प्रॉब्लम बताई ।बोले, फिलहाल तो कुछ नहीं हो सकता इन सब के मूविंग पास भी नल कर दिए गए हैं।ये भी सहारनपुर से नहीं आ सकते।मेरी इन्चार्ज की ड्यूटी हमारे स्कूल के सेवित क्षेत्र में लग गयी है। पता नहीं कहाँ-कहाँ, किस-किस की ड्यूटी लगी होगी। ईश्वर मेरे सभी रिश्तेदारों, दोस्तो, परिचितों, उनके परिवारों की रक्षा करना जो जो इस समय अनिवार्य सेवा में लगे हैं या लगने वाले हैं।

कोरोना कमबख्त, ये चली क्यों नहीं जाती इस दुनिया से।


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