कैसा ये प्यार है
कैसा ये प्यार है
"आजकल तो लोग प्री..वैडिंग फोटोशूट और विडिओ बनवाकर सोशियल मिडिया पर ऐसे साझा करते है मानो शादी नही कोई कहानी बनानी हो।"...रिया ने कहा
"हाँ दी, वो आप कमल अकंल को जानती हो ना उनकी बेटी टिना की शादी है। क्या फोटोशूट करवाया है देखो तो बस देखते ही रह जाओ किसी फिल्म की हिरोइन से कम नही लगती।शायद हमारे जमाने मे ये सब होता।"..रोमा ने कहा
हाँ हाँ देखा था मैने एक महीना रह गया था शादी को उस दिन से रोज फोटो डालती थी 31डेज टू गो,30 डेज टू गो।हाँ पर यह बात सही है कि किसी हिरोइन से कम नही है। और हो भी क्यों नही मायके और ससुराल मे पैसो की कोई कमी नही ,सुना है एक बार पहनी हुई ड्रेस को दूसरी बार सूंघती भी नही।...रिया ने कहा
हाँ दि लव अरेंज है ।बचपन के दोस्त थे दोनों, आठ साल से रिलेशनशिप मे है ।लडका हमारी जाति का नही है पर हिरा है हिरा दोनो ने प्रण लिया था अगर माता पिता ने शादी नही करवाई तो कँवारे रह जायेंगे पर किसी और से शादी नही करेंगे ।लडके के परिवार वाले तो राजी थे पर कमल अंकल इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे । लडकी तो भागकर शादी करने के लिए भी तैयार थी मेरे ननद की लडकी प्रियंका उसकी बेस्ट फ्रेंड है उसीने बताया। पर लडके ने साफ मना कर दिया कि माँ बाप की इजाजत के बिना शादी नही करेंगे। इससे एक बात तो साफ समझ मे आती है लडका संस्कारी है।फिर आखिरकर कमल अंकल और आंटी ने भी बेटी के जिद्द के सामने हार मान ली।
चलो जो हुआ अच्छा हुआ। आजकल जात पात ऊँच नीच कौन देखता है । पैसों की कमी नही लडका संस्कारी है, कमाऊ है ,और क्या चाहिए बाकी लव अरेंज तो आजकल कॉमन बात है।
हाँ दी सही कहा। चलो अब चलती हूँ काफी देर हो गई है,फिर मिलेंगे।
कुछ महीनों बाद....
"कैसी हो दी आप ?"
"बस मजे मे ,तू बता क्या चल रहा है?"
बस कुछ नही, एक खबर सुनी आपने...
कौनसी खबर..
वो कमल अंकल की लडकी टिना मायके लौट आई है सुना है डायवोर्स फाईल किया है।
क्या बोल रही है उसकी तो वो आठ साल पुरानी लव स्टोरी थी ना बचपन वाला प्यार फिर क्या हुआ अचानक...
दि सुना है शादी के दो महीने बाद पता चला कि उसके पति को केंसर है ।ठिक होने के चांसस ५०-५० है । डॉक्टर ने पति से संबंध बनाने के लिए मना कर दिया तो वह मायके लौट आई। लडकी के परिवार वालो का कहना है कि ऐसे इंसान के साथ अपनी जिंदगी कैसे बिता सकती है।
क्या बात कर रही है रोमा ?कहाँ गया वो प्यार ,कहा गई वो साथ जीने मरने की खाई हुई कसमें, बस इतने मे ही छोडकर भाग गई ।क्या ऐसा होता है प्यार ?इतना स्वार्थी,इतना निर्दयी,जीवन के जिस मोड पर जीवनसाथी के साथ की जरूरत थी उस समय छोड आई ।जीते जी मार दिया उस इंसान को जिसके लिए जान देने के लिए तैयार थी।कैसा कलयुग आ गया है।
तो दोस्तो क्या मानना है आपका क्या आजकल की युवा पीढी के लिए प्यार के यही मायने रह गये है।रोज डे, हग डे ,चाकलेट डे,टेडी डे ,ये डे ,वो डे लगता है उनका प्यार तो साल मे सिर्फ एक हफ्ते के लिए ही आता है। सच्चा प्यार किसी डे का मोहताज नहीं उसके लिए वो हर डे सेलिब्रेशन है जब तक जीवनसाथी का साथ है।
