STORYMIRROR

Rekha Rana

Drama

2  

Rekha Rana

Drama

जिंदगी खत्म नहीं होती

जिंदगी खत्म नहीं होती

1 min
376

"दरवाजा खोलो शगुन दरवाजा खोल दे लाडो ये कोई एक ही मौका तो नहीं था, आगे और मौके मिलेंगे बिटिया खोल दे बेटा।" सरला भरे गले से गुहार लगा रही थी। 

 खटाक से दरवाजा खुला दरवाजा खुलते ही बेटी को बांहों में भर लिया था सरला ने। 

"माँsss ठीक हूँ मैं आँखों में रुके अवसाद के आँसू बहा दिये हैं मैंने, अब थोड़ा हल्का महसूस कर रही हूँ और हाँ माँ आप ठीक कहती हो एक मौका निकलने से जिंदगी खत्म नहीं हो जाती,

मैं फिर प्रयास करूँगी एक नई उर्जा के साथ और तब तक प्रयास करूँगी जब तक सफल नहीं हो जाती। " सरला अपलक बेटी के इस नये अवतार को देखे जा रही थी। 

" मैं कायर नहीं हूँ माँ कि असफलता को देखते ही इहलीला खत्म कर दूंगी मै तो उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करूँगी और डट कर उसका मुकाबला करूँगी। "

बेटी के मुख से ऐसी बातें सुनकर सरला के मन का सारा डर काफूर हो गया। "


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Drama