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Rekha Rana

Children Stories

3  

Rekha Rana

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ये मेरी लाइफ है

ये मेरी लाइफ है

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   "सुनो इतनी सिगरेट ठीक नहीं !"

   "अपनी बकवास बंद करो , मैं जो चाहे करूं , ये मेरी लाइफ है ,समझी !"

   विश्वास और शगुन के बीच ये रोज की कहानी हो गई थी !

    पर कल कुछ अलग ही हो गया ,दोनों पति-पत्नी बाजार जा रहे थे ,वहीं कुछ मनचलों ने एक लड़की को छेड़ा ,शगुन ने विश्वास से कहा,"रोको उन्हें !"

   विश्वास बोला,"चल-चल ,घर चल !"

   शगुन चुपचाप चल दी !

   दो कदम चली ,अचानक मुड़ी !

   चटाक ! चटाक !...................दो चाँटे !

    "कक्क कौन हो तुम ?"

    "तुम्हारी अम्मा !"

    "वो लड़की चुप थी तो होंसले बढ़ गए तुम्हारे ,अब क्यों हकला रहे हो ?,

    लो बिटिया ये फोन लो और मिलाओ पुलिस का नंबर ,इनका कालर तो मेरे हाथ से पुलिस के आने पर ही छूटेगा !"

   "ये क्या तमाशा है ,चल घर चल " पौरुष दम्भ से भरा विश्वास चिल्लाया !

    कुछ रोज का दबा आक्रोश,कुछ घटना का असर ,दाँत भींच कर गुस्से में शगुन बोल पड़ी ,"चुप रहो ......!ये मेरी लाइफ है ! "

   शगुन का रौद्र रूप देख एकबारगी तो विश्वास सहम सा गया ,और पीछे चला गया !

   पुलिस आयी ,उन मनचलों को ले गई !

   और .......उस दिन के बाद विश्वास ने कहना ही छोड़ दिया !

   ये मेरी .....................!

     



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