STORYMIRROR

Omdeep Verma

Inspirational

2  

Omdeep Verma

Inspirational

जब एक से एक मिलकर ग्यारह हुए

जब एक से एक मिलकर ग्यारह हुए

2 mins
174

तीन दिन पहले मोहल्ले में पानी की सप्लाई देने वाली पाइप जो कि सड़क के नीचे से गुजरती है मेरे घर के आगे से टूट गई और उसके प्रेशर के कारण सड़क में भी गड्ढा बन चुका था, जो पानी के निकलने कारण और भी बढ़ता जा रहा था, जो वहां से आने जाने वाले वाहनों के लिए परेशानी का कारण बन चुका था। रात के अंधेरे में इसके कोई भी आदमी है पशु गिर सकता था।

मैं सुबह ऑफ़िस जाते रास्ते में नगर निगम के दफ्तर पर ठीक करवाने का कहने चला गया। जब मैं उनको समस्या बताई तो उन्होंने खास ध्यान नहीं दिया और बोले हो जाएगा। जब मैं शाम को घर पहुंचा तो देखा कि पाइप और गड्ढा वैसे के वैसे ही थे। कोई ठीक करने वाला आया ही नहीं। फिर अगली सुबह मैं फिर शिकायत लेकर गया कि आपने शाम का बोला था तो ठीक हुआ नहीं। वह बोले कि हमारे सभी कर्मचारी छुट्टी पर है कोई 1-2 है जो दूसरी कॉलोनी बिजली के पोल गिर गया तो उनको ठीक करवाने गए है, इसलिए आपकी कॉलोनी में काम नहीं हो पाया आज पक्का हो जाएगा।'

मैने सोचा चलो कोई नहीं आज हो जाएगा। जब शाम को घर आकर देखा तो फिर वही नज़ारा। मुझे यकीन हो गया कि ये लोग बहानेबाजी कर रहे हैं और अपने कर्तव्यों से जी चुरा रहे हैं। आज सुबह मैंने कॉलोनी के 7-8 जिम्मेवार लोगों को इसके बारे में बताया और उनको लेकर निगम के ऑफ़िस पहुँचकर फिर उन्हें अवगत कराया और घर आ गए। दो-तीन घंटे बाद जब मैं घर से बाहर निकला देखा कि निगम के तीन- चार कर्मचारी पाइप और सड़क को ठीक कर रहे हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Inspirational