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Omdeep Verma

Comedy

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Omdeep Verma

Comedy

आ बैल मुझे मार

आ बैल मुझे मार

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आज लिखने का मन नहीं था तो सोचा कि थोड़ा इधर उधर टहल आएं। टहलते-टहलते अपने एक दोस्त के घर चला गया ।मैं उसके घर गया तो देखा कि दोस्त हाथ में पर्ची था। वह मुंह लटकाए बैठा था। मैंने पूछा,"क्या हुआ इतने उदास क्यों?"वह पर्ची दिखाते हुए बोला, "यह देखो, 15000 का नुकसान जो मैंने जानबूझकर कर लिया। मैंने कहा, हुआ क्या यार, बताओ तो सही। बताने लगा, "यार, कल घर की लाइट में थोड़ी कोई खराबी आ गई थी तो सोचा कि कौन इलेक्ट्रॉशियन को बुलाए ।खुद ही कर लेते हैं । हालांकि मुझे इसका पता भी नहीं था, मैंने जैसे ही वायर को जोड़ा तो घर की लाइट चली गई और जब इलेक्ट्रिशियन को बुलाया तो उसने बताया कि सारा सामान जल चुका है तो सारा सामान चेंज करना पड़ेगा ।बस वह भी अभी सही करके गया और यह 15000 का बिल थमा गया। यारजानबूझकर, बेटा जानबूझकर बैल को न्योता दे बैठा"।


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