STORYMIRROR

Ravindra Shrivastava Deepak

Drama

3  

Ravindra Shrivastava Deepak

Drama

इत्तेफ़ाक.. एक अनहोनी

इत्तेफ़ाक.. एक अनहोनी

3 mins
323

सलोनी को आज ये महसूस हो रहा था कि राकेश की कितनी जरूरत है ज़िंदगी में। अगर वो होता तो शायद ये दिन देखने को नही पड़ते। समाज की बुरी नजर, लोगों के उलाहने, कटाक्ष, अपशब्द सुनना जैसे उसकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया हो। राकेश को गुजरे 3 साल हो गए थे। मगर सलोनी उसे आज भी याद करके रोने लगती थी। अंदर ही अंदर घुट घुट के सलोनी जी रही थी। राकेश की बातों को यादकर मन को बहलाती रहती थी।

माँ, कहाँ हो तुम ? मैं आ गया। आप छुपी हो न। (रोहनबेटा)

(बेटे की आवाज़ सुन सलोनी झेंप जाती है)

कब आया मेरा बच्चा ?

माँ आप बस स्टॉप पर क्यूँ नही आई मुझे लेने ? सभी बच्चों की मां उन्हें लेने आयी थी। आप क्यूँ नही आई ?

बेटामैं काम में थोड़ा व्यस्त हो गई थी। इसलिये नही आ पाई। सॉरी बेटा। ओके मॉम।

सलोनी एक कंपनी में अकाउंटेंट के पोस्ट पर काम करती थी। एक दुर्घटना में उसकी पति (राकेश) की जान चली गई। ससुराल में अकेली अपने बेटे और सास के साथ रहती थी। समाज में एक विधवा का किस तरह शोषण होता है उसे वह रोज झेलती थी।

एक रात...बेटी सलोनी। इधर आना। (सासु माँ) ने सलोनी को पास बुलाया।

बेटी, मैं कितनें दिनों की और मेहमान हूँ। मेरा कहा मान तुम दूसरी शादी कर लो। मैं जानती हूं तुम्हें बाहर कितना झेलना पड़ता है। शादी होने के बाद सब ठीक हो जाएगा।

ये कैसी बातें कर रही है माँ। उनके जाने के बाद मेरी ज़िंदगी का मक़सद बस रोहन की अच्छी शिक्षा और उसका जीवन बसाना है। मुझे किसी की परवाह नहीं। इसलिए ऐसा मैं सोच भी नही सकती।

अगले सुबह रोहन को स्कूल छोड़कर सलोनी ऑफिस गई। ऑफिस में भी सब उसे बुरी नजर से देखते थे। पर इससे सलोनी को कोई फर्क नही पड़ता था। कंपनी का मालिक उससे और उसके काम से बहुत खुश रहता था।

एक दिन चंदन (कंपनी का एम्प्लॉयी) जिसने माल की हेराफेरी कर कंपनी के एकाउंट में गड़बड़ कर दिया। ऑडिट में सलोनी ने उसे पकड़ लिया। जानने के बाद चंदन ने उसे भी 5 लाख देने का वादा कर मामले को दबा देने को कहा। मगर सलोनी ने नही माना और अशोक सिंह (कंपनी ओनर) को सारा मामला बता दिया। इसपर तुरंत एक्शन लेते हुए उन्होंने चंदन को निकाल दिया। सलोनी की ईमानदारी के लिए 2 लाख का चेक देते हुए सीनियर अकाउंटेंट का पोस्ट भी दिया।

अगली ही सुबह सलोनी को एक धमकी भरा कॉल आया। मैं तुम्हारे बच्चे को जान से मार दूँगा। तुमनें अच्छा नहीं किया। सलोनी डर गई। वो अंदर से सहम गई।वह खुद रोहन को स्कूल छोड़ के आई। उसका पूरा ध्यान रखने लगी।

इधर अब ऑफिस में सलोनी के सिर्फ चर्चे ही हो रहे थे। उसकी हिम्मत के सभी कसीदे पढ़ रहे थे। पर सलोनी का मन तो सिर्फ रोहन में बारे में ही सोच रहा था। उसे चिंता थी कि उसे कुछ हो न जाये। कॉल जब से आया तभी से काफी डरी हुई थी।

ऑफिस से दोपहर छुट्टी लेकर रोहन के स्कूल गई तो हैरान रह गई। उसके पैरों तले जमीन घिसक गए। रोहन वहाँ था ही नही। जैसे मानो सलोनी के ऊपर बिजली गिर पड़ी।

क्या कोई अनहोनी घटना सलोनी के साथ घट गई ?

आखिर रोहन स्कूल से गायब कैसे हो गया ?

क्या इसके पीछे चंदन का हाथ तो नही था ?

या कोई सलोनी का कोई और दुश्मन था ?

इन सारे प्रश्नों का उत्तर अगली कड़ी में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Drama