STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Tragedy

4  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Tragedy

हादसे

हादसे

2 mins
850

शाम ढलने को थी लेकिन उसका मन नहीं किया घर लौटने का। वो समुद्र की लहरों में अपने मन की हलचल को दबाने की नाकाम कोशिश कर रही थी। अपने मन के गुस्से को वो किस पर जाहिर करती। कोई भी अपने जीवन के दर्द के अलावा और कुछ देख ही नहीं पा रहा था।मधुरिमा की शादी में टिया के साथ जो कुछ भी हुआ था, उसको भूल जाना मुमकिन नहीं था शायद, या था तब भी उसे थोड़ा समय तो लगना ही था।


दो महीने से पहले की बात थी, जब वो मधुरिमा की शादी मे अपनी बहनों के साथ भाग दौड़ कर रही थी। शादी में फेरों के वक़्त जब वो अपने मामा जी को बुलाने गई थी तो वहाँ उसके मामाजी अपने दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। टिया को उन्हें आवाज देते हुए भी डर लग रहा था फिर भी उसने हिम्मत करके अपने मामाजी को नीचे आने के लिए कहा।


उसकी आवाज सुनते ही मामाजी के दोस्तों की वासना भरी निगाहें उस पर पड़ी। वो उसे पकड़ने की कोशिशें करने लगे। वो नीचे लौटने के लिए वहाँ से भागने वाली थी कि एक आदमी ने उसे पीछे से पकड़ लिया।


उसे बचाने के लिए उसके मामाजी ने अपने दोस्त को पीछे खींचा तो उसने मामाजी को धक्का दे दिया और मामाजी पीठ के बल काँच की मेज पर गिर पड़े। 


आज इस हादसे के बाद, जब वो हॉस्पिटल में अपाहिज होकर जी रहे हैं तो सभी लोग उनके ठीक होने की दुआ कर रहे है लेकिन टिया के दर्द का एहसास किसी को भी नहीं है क्योंकि शादी में इस तरह के हादसे तो हो जाया करते है और उन्हें भूल जाने में ही भलाई है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Tragedy