STORYMIRROR

guldasta

guldasta

2 mins
15.8K


राजेश गुलदस्ता खरीदने के लिए रास्ते के उस पार फूल की दुकान की ओर चलने लगा। तभी एक आठ- दस साल का लड़का हाथ में गुलाब के दो बड़े गुलदस्ते लिए राजेश के पास आया और बोला-

"सर, ताज़ा गुलदस्ता लीजिये, बहुत सस्ता।एक गुलदस्ते की कीमत सौ रूपए। मेरी माँ की तबियत बहुत ख़राब है, दवाई के लिए पैसा चाहिए सर। प्लीज़ मेरे ऊपर एहसान कीजिये।"

आश्चर्यचकित हो कर राजेश उस दुबले-पतले लड़के को देखने लगा। फटे- पुराने कपड़े पहने हुए लड़के के ऊपर राजेश को दया आ रही थी। लेकिन इतने सस्ते में इतना बड़े लाल और सफेद रंग के गुलाब के गुलदस्ते मिल पाना उसको यकीन नहीं हो रहा था। फूलवाले के दुकान में कम से कम एक गुलदस्ते का दाम तीन सौ रूपए होगा।

दोनों गुलदस्ते लेकर राजेश अपने पॉकेट से पैसे निकाल ही रहा था कि पास खड़े एक सज्जन ने बोला, "यह बच्चे बड़े बदमाश है। पास के कब्रिस्तान से यह फूल उठा कर ला रहे हैं और बेच रहे हैं।"

यह सुन कर वह लड़का बिना पैसा लिए भाग गया।

राजेश के मुहँ से निकला "क्या ज़माना आ गया? यहाँ मृतक के आत्मा के प्रति समर्पित चीज़ चुराकर लोग व्यवसाय करते हैं? बेशर्मी और अमानवता ही हद हो गयी। दुनिया में विवेक नाम  की चीज़ ही नहीं रही आज कल"

आफिस पहुँच कर राजेश, मैनेजिंग डायरेक्टर के पी.ए से बोला "यह दो गुलदस्ते आज शाम बोर्ड मीटिंग के लिए। एक हज़ार का बिल बना देना, अगर पंद्रहसौ का बिल बनाओगे तो तीनसौ की कमीशन तुम्हारी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi story from Aravinda Das

Similar hindi story from Abstract