गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के दिल की अदला बदली
गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के दिल की अदला बदली
बॉयफ्रेंड: सो सॉरी यार !, आज नहीं आ सकूंगा मिलने, ,कल रात ही दोस्ती यारी में गली के गुंडों से पंगा हो गया था ,अभी उन्ही दोस्तों को लेकर अस्पताल जा रहा हूँ, शायद एक्स-रे वगैरह करवाना पड़ेगा ,
गर्लफ्रेंड :अब क्या पंगा किया तुम लोगों ने यार ! , तुमने तो मुझे कुछ बताया ही नहीं
बॉयफ्रेंड: अरे क्या बताता ,लड़कों की बातें हैं , तुम कहाँ बीच में पड़ रही हो , हम लड़के ऐसे ही होते हैं।
गर्लफ्रेंड : अच्छा बाबा ! ठीक है , पर तुम क्यों उन्हें अस्पताल लेकर जा रहे हो, उनके घरवाले संभाल लेंगे ,और फिर तुम जाओगे तो वहां की फीस भी तुम्हें ही देने पड़ेगी
बॉयफ्रेंड: अरे यार जैसे तुम्हारे मेकअप के सामने के लिए घरवाले रियेक्ट करते हैं , ठीक वैसे ही ये मारपीट वाले काम के लिए घरवाले कभी कुछ नहीं करते, इन बेवकूफों को मुझे ही हॉस्पिटल ले जाना पड़ेगा, और फीस तो कितनी लगेगी , देख लेंगे यार हम लोग आपस में।
गर्लफ्रेंड : ठीक है , जो करना है करो
बॉयफ्रेंड : तुम एक काम करो ना ! तुम ही क्यों नहीं आ जाती अस्पताल , मेरे दोस्तों से भी मिल लेना। एक दो से तो तुम पहले मिल भी चुकी हो ना।
गर्लफ्रेंड : मैं नहीं आ रही। तू हर बार ऐसा ही करता है , जब भी मिलने का बोलो
,या तो तेरे घर में कोई फंक्शन आ जाता है , या कोई मर जाता है और अगर दोनों में से कुछ न हो तो तेरे दोस्तों के घर कोई कांड हो जाता है। एक बात बता तुझे लाइफ मेरे साथ बितानी है या अपने रिश्तेदारों और इन कर्मकांडी दोस्तों के साथ
बॉयफ्रेंड : तुम्हारे ही साथ बेबी !ऐसे मत बोल यार , मेरे बचपन के दोस्त है ये सभी। सनी से तो तुम मिल चुकी हो ना। पता है बचपन में क्रिकेट खेलते हुए जब गेंद सीधे आकर मेरे मेन- पॉइंट के दोनों विकेट कीपर्स पर आकर टकराई थी तब उसी ने मुझे हम लड़कों के इस आवश्यक सच से अवगत कराया था। घर से मीलों दूर हॉस्टल में उसी ने एक बाप बनकर इस असहनीय दर्द के बारे में समझाया था और इसकी पीड़ा को कम करने हेतु सनी ने ही मुझे मेरे जीवन का पहला हैलगार्ड लाकर दिया था ,ऐसे वक़्त ,ऐसे दर्द में, उंकड़ू बैठकर किस तरह अलग अलग अवस्थाएं बनाकर दर्द काम किया जा सकता है , सब सनी ने ही डिटेल में समझाया था , वरना दर्शक दीर्घा में बैठी सभी लड़कियां तो खी -खी कर ठहाका लगाकर कर मुझ पर, मेरी उस मासूम हालत पर गला फाड़ फाड़ कर हंस रही थी ,
तब से जब भी इस निर्दयी निर्मम दुनिया की बेरहमी ने जब भी कहकहा लगाकर मज़ाक उड़ाया मेरा ,तब इन्हीं सनी जैसे दोस्तों ने मेरे अंदर पनपी उस स्याह काली निशा में, क्लॉउडी मौसम को ,मेरे जीवन के पतझड़ को बसंत ऋतु बनाया था।
गर्लफ्रेंड : यह सनी वाली कहानी तो मैं बहुत बार सुन चुकी हूँ , वैसे उस वक़्त बोलिंग करने वाला भी यही सनी ही था ना , यह क्या बात हुई भला , पहले खुद ही मारो , फिर खुद ही बचाओ , बड़ा ही ज़हरीला याराना है तुम दोस्तों के बीच , नहीं ?
बॉयफ्रेंड: अरे मारने वाले से बचाने वाला बहुत बड़ा होता है , तो सनी हुआ ना बड़ा। और ज़हरीले प्यार की बातें तुम ना ही करो तो अच्छा होगा ।
गर्लफ्रेंड: तुम और तुम्हारी ये बेसिरपैर की बातें। कभी तो इस माथे पर पड़ती सिलवटों को आराम देकर उसके अंदर जो भगवान् ने दिमाग दिया है उसका इस्तेमाल कर बातें किया करो।
बॉयफ्रेंड: देखो !हम लड़के दिल से सोचते हैं, दिल से काम करते हैं और इसीलिए हमारे किये कामों के नतीजे भी दिल , आई मीन प्यारे भरे होते हैं ।
गर्लफ्रेंड: सही कहा ! तुम कुछ सोचते हो , फिर कुछ और ही करते हो और जो असल में होता है उसका तो भगवान ही मालिक होता है , आई मीन टू सै, होता कुछ बहुत अलग ही है।
बॉयफ्रेंड: हाँ ठीक है ना, छोड़ो यह सब फ़िज़ूल की बातें, इतने दिनों बाद मिले हैं , क्या ऐसे ही लड़कर शाम बिताएंगे। चलो आज तुम्हें गाड़ी चलाना सीखा देता हूँ। फिर तुम्हें यह लोकल ट्रैन के धक्के भी नहीं खाने पड़ेंगे और बाद में ऑफिस जाने में भी सहूलियत रहेगी।
गर्लफ्रेंड : अरे यार मुझे नहीं सीखना कोई गाडी वाड़ी चलाना , और तुम ये डायरेक्टली -इनडायरेक्टली मुझे यह नौकरी ना करने का ताना मत मारा करो। मैंने बताया तो है तुम्हे की जब पसंद का काम मिलेगा तब कर लूंगी, ऐसे पीछे मत पड़ा करो तुम !
बॉयफ्रेंड :तुम बात को फिर गलत समझ रही हो यार , मेरा कटाक्ष या सरकास्टिक होने का ज़रा भी इरादा नहीं था। मैं तो बस कह रहा था की गाड़ी चलाना सीख जाओगी तो घर के कामों में भी आंटी अंकल का हाथ बटा सकती हो। यह तुम्हारे अपनी अंदर की हीन भावना है, तुम्हारे खुद के इन्फेरियरिटी कम्प्लेक्सेस हैं जिन्हें तुम मेरी हर बात से, अपनी कमजोरियों को उनसे जोड़ देती हो।
मैं तुम्हारी स्ट्रेंथ , तुम्हारी शक्ति का सागर बनना चाहता हूँ और तुम मुझे अपनी वीकनेस समझती हो।
कुछ पल की शांति के बाद
गर्लफ्रेंड : ठीक है ! समझ गयी। यार यू नो कल ही मैं डाउन हो गयी , मतलब कल ही पीरियड्स स्टार्ट हो गए वरना अभी खूब सारा सेक्स कर लेते। और वैसे सच बताऊं , पर्सनली मुझे तो कोई प्रॉब्लम है भी नहीं पीरियड्स में सेक्स करने से , यह तो तुम हो हो जो हाइजीन , साफ़ सफाई और ना जाने क्या क्या मेडिकल शब्दों का पिटारा खोल कर बैठ जाते हो , फट्टू कहीं के!
बॉयफ्रेंड : अब यार तुम चाहे मुझे फट्टू समझो या टट्टू, पर मुझे यह सब ठीक नहीं लगता , और ऐसा भूल कर भी दिमाग में मत लाना की तुम्हारी साफ-सफाई या ऐसा कुछ मुझे रोकता है.मैं तुम्हे पूरे तन मन से चाहता हूँ , यू आर माय सोलमेट यार . पर मैंने अपने दोस्तों और कजिन्स से इस बारे में बात की थी तो मालूम पड़ा की थोड़ी ज्यादा एहतियात , कुछ एक्स्ट्रा प्रीकॉशन्स लेने होते हैं इस वक़्त तो बस मैं डर जाता हूँ तुम्हारे लिए और कुछ भी कारण नहीं है। सच बताऊं तो एक लड़का होने के नाते मेरी भी फंतासी है पैरोड्स में सेक्स करना।
गर्लफ्रेंड : छी ! तुम यह सब अपने दोस्तों से डिसकस करते हो!
बॉयफ्रेंड : हाँ ! इसमें क्या हुआ , यह तो नेचुरल चीज़ है यार और कुछ महत्वपूर्ण जानकारी से फ़ायदा ही होता है
गर्लफ्रेंड : फ़ायदा ? , जैसे ?
बॉयफ्रेंड : जैसे जब लास्ट टाइम हम तुम्हारी वह प्लम्बर वाली फैंटसी कर रहे थे तब मेरे दोस्तों ने ही हेल्प किया था वरना तुम्हें क्या लगता है वो बाथरूम का नलका और किचन का फर्श खोदकर पाइपलाइन को बंद करना मेरे अकेले का काम है और फिर दो घंटे पानी की सप्लाई रोकने पर सोसाइटी वालों को समझाना भी तो मेरे फ्रेंड्स ने ही किया था । इन सब में बहुत प्लानिंग लगती है , ऊपर -नीचे ,आगे -पीछे सबका सोचना पड़ता है। तुम्हारी तरह थोड़ी.....
गर्लफ्रेंड धीरे धीरे हंस रही थी
बॉयफ्रेंड : क्या हुआ ?
गर्लफ्रेंड : तुमने ऊपर -नीचे , आगे -पीछे कहा ना तो लास्ट टाइम वाली फैंटसी याद आ गयी।
बॉयफ्रेंड : मेरी इतनी बड़ी बात में से तुम्हे यह समझ आया , यू आर ट्रूली अनबीलिवेबल यार!
गर्लफ्रेंड: ठीक है मैं अनबीलिवेबल ही सही ! चलो ना शहर के बाहर जो नया हाईवे बना है उस पर एक लॉन्ग ड्राइव पर चलते है। तुम गाडी चलाना , मैं सनरूफ में से खड़े होकर तेज़ रफ़्तार और उससे भी तेज़ बहती ठंडी हवा को एन्जॉय करुँगी।
बॉयफ्रेंड : आपका हुकुम सर आँखों पर मैडम , लेट्स गो !!
दोनों लॉन्ग ड्राइव पर निकलने ही वाले होते हैं की बॉयफ्रेंड का मोबाइल फ़ोन बज जाता है।
फ़ोन पर बात करने के बाद
बॉयफ्रेंड : मेरी शोना !, वो एक्चुअली ना........
गर्लफ्रेंड : अरे यार ये तुम्हारे " वो एक्चुअली ना " बोलते ही हमारे हर प्लान पर पानी फिर जाता है।
बॉयफ्रेंड: यार वो एक्चुअली ना..........
गर्लफ्रेंड : बोलो अब क्या हुआ है तुम्हारे घरवालों को
बॉयफ्रेंड: यार वो एक्चुअली ना.. पापा आज मेरी स्पोर्ट्स बाइक ऑफिस लेकर गए थे तो अब उन्हें उसके कुछ फीचर्स में प्रॉब्लम आ रही है ,और उन्होंने कुछ गलत बटन दबा दिए तो अब बाइक स्टार्ट भी नहीं हो रही है
हर बार तो मैं बता देता हूँ पर फिलहाल वहां उनके ऑफिस में उनके कलीग्स (सहकर्मियों ) को भी नहीं समझ आ रही और फ़ोन पर पापा एक्सप्लेन भी नहीं कर पा रहे हैं तो मुझे ही जाना होगा और रात को बुआजी और उनके बच्चे भी डिनर पर घर आ रहे है तो राशन का कुछ सामन सुपरमार्केट से उठाना पड़ेगा। सो अभी मुझे................
गर्लफ्रेंड : सो अभी तुम्हे जाना पड़ेगा।
बॉयफ्रेंड क्यूट सा , बहुत ही मासूम चेहरा बनाकर हाँ में सिर हिलाता है। यह देखकर गर्लफ्रेंड का गुस्सा उड़नछू हो जाता है और वह उसके गाल पर एक प्यारी सी किस कर देती है।
गर्लफ्रेंड: वैसे , बाय द वे मैंने कभी तुम्हे बताया नहीं पर तुम्हारी हर बात का दिल से रियेक्ट करने पर मुझे बहुत बहुत प्यार आता है।
बॉयफ्रेंड यह सुनते ही गर्लफ्रेंड को बाहों में भर लेता है और फिर उसे गोद में उठा कर उसके माथे को चूम लेता है। दोनों खूब हँसते है। उनकी इस नादान खिलखिलाहट से समस्त वातावरण खिल उठता है।
