Prabha Pant

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एक प्राकृतिक नजारा

एक प्राकृतिक नजारा

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पहाड़ियाँ पर्वत सुनते ही आपके दिमाग में क्या आता है ?

हो सकता है आप में से कई लोग सुंदर - सुनहरे पर्वतों और मौसम का आनंद ना ले पाए हों । पर मैं अपने वर्णन से आपको आज वहां ले जा रही हूं कहां मत पूछिए मैं भी नहीं जानती केवल अपनी कल्पनाओं को जगाए सोचो आप एक विशाल पावर नदी के सामने रेत पर बैठे हो और मौसम जोरदार हवाओं वाला नदी के दूर-दूर तक केवल आपको बड़े-बड़े पर्वत ही पर्वत नजर आ रहे हैं।

आप आसमान में देखें आसमान पीला और लाल बादलों से ढका हुआ है बादल ही बादल है आसमान में और आप आपके दोस्त सब मौन हैं ,केवल महिमा को देखे जा रहे हैं ।आपके अंदर से एक आनंद की हिलोर उठाई नहीं हो रही अगर नहीं तो उठिए वहा ठंडी रेत में जहां लहरें हलचल कर रहे हैं। हां ठीक उसी के पास थोड़ी है क्योंकि अभी आपको कोई नहीं रोक सकता ।कृपया कुछ अपने असली आनंद के लिए अपने मोबाइल से दूर होकर अपनी जिंदगी को जीयो । जीतेजी जन्नत या आप जो कहना चाहे इसे निहारे , गाना गाए , हंसे , बातें करें अपने दोस्तों के साथ जब तक आपका दिल चाहे । और वही एक झूला भी बन जाए पेड़ पर तो , तो कुछ कहा ही नहीं जा सकता।


मैं समझती हूं कि आपने मेरी लेख से और अपने मन की आंखों से वह सब देख लिया होगा ।मैं समझती हूं कि आपने अपनी इस कल्पना में भी वहां गंदगी ना फैलाएं हो कृपया इसे और भी दोस्तों के लिए छोड़ दें देखने के लिए ऐसा ही साफ ।



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