एक पाती मां के नाम
एक पाती मां के नाम
माँ आप वहां कैसी हो। हम सब यहां कुशल मंगल हैं। मैं कई बार आपको सितारों मे ढूंढने की कोशिश करती हूं कि शायद आप भी मुझे देख रही हो। आपके जाने से बहुत कुछ पल भर में बदल गया। वक्त के साथ साथ हम बड़े तो हो गये पर हर वक्त आपकी कमी महसूस की। चाहे वह सुख की घड़ी हो या परेशानी की - हर पल आप याद आये। मां, जब मेरी शादी हुई तो आपको बहुत बहुत मिस किया।
माएं कैसे तिनका तिनका जोड़ती है अपने बच्चों के लिये पर हमें तो खुद ही सब जोड़ना पडा। शादी की शॉपिंग से लेकर रिश्तेदारों तक ! कभी कभी हिम्मत हारने लगती तो लगता आप मेरे साथ खड़े हो। आपको साथ पाकर खोई हिम्मत फिर वापिस आ जाती। मां, धीरे धीरे हम भाई बहन तो स्कूल कालेज आफिस घर परिवार मे बिजी हो गये पर सबसे ज्यादा अकेले हो गये पापा। मैंने खुद उन्हें कई बार रातों को रोते देखा है।
उन्हें रोता देख खुद भी खूब रोई। उम्र के इस पड़ाव पर तो उन्हें आपकी बहुत जरुरत थी। मां ! खुद मां बनकर जाना कि मां का प्यार क्या होता है। दोनों बच्चे जब लाड़ करते है और गलबहियां डालते है तो आप बहुत बहुत याद आते हो।
आप बिल्कुल चिंता न करें मां। हम भाई बहन सब बहुत अच्छे से सैटल हो गये है। दोनों भाभियां बहुत अच्छी है। घर में बच्चों की रौनक से घर महका रहता है। दोनो भाई हम बहनों को बहुत मान सम्मान देते हैं। मां अब मेरी क्लास का समय हो रहा है, शेष अगले पत्र में।
आपकी दुलारी बेटी
अंजू।
