एक मुलाक़ात
एक मुलाक़ात
मानव एक बार बस से मेरठ से मुरादाबाद जा रहा था।
भाई दूज के त्योहार का समय था। बस में भीड़ बहुत थी।
रास्ते में बस रुकी। मानव को फ्रेश होने के लिए जाना था, मगर हिचकिचा रहा था, क्योंकि उसके पास सामान बहुत था और कई और भी लोग बस में चढ़ रहे थे। मानव डर रहा था कि कोई उसकी सीट न ले ले।
तभी पीछे से एक लड़की बोली,
"भैया, आप जाकर आइये। मैं आपकी सीट का ध्यान रखूंगी।"
मानव ने वापस आकर देखा कि उस लड़की ने उसकी सीट पर अपना बैग रख दिया था।
वह "एक मुलाक़ात" जीवन भर के लिए भाई बहन के रिश्ते में बदल गई।
