Aditya Srivastav

Abstract Others Children


4  

Aditya Srivastav

Abstract Others Children


एक अल्फाज़

एक अल्फाज़

1 min 14 1 min 14

जिसे मैं रखना चाहूं ज़ेहन से सदा

एक मुलायम मखमली लिबास है तू !


बारिश की पहली बूंद से निकली

मिट्टी की मादक मिठास है तू !


साग़र में मोती मिल जाए

तो पनपे जो एहसास है तू !


थोड़ी नाज़ुक थोड़ी कच्ची

जैसे दुबली सी कोई बच्ची


सुनहरे अक्षरों में लिखी हुई 

एक अल्फाज है तू।


Rate this content
Log in

More hindi story from Aditya Srivastav

Similar hindi story from Abstract