दृढ़ इच्छाशक्ति से पाया मुकाम
दृढ़ इच्छाशक्ति से पाया मुकाम
प्रस्तावना
दृढ़ इच्छा शक्ति ही सफलता की कुंजी है। दृढ़ इच्छा शक्ति से बड़े से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं, जो कभी-कभी तो जीने की वजह बन जाते हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति से अच्छे-अच्छे जो बहुत बीमार लोग होते हैं वे भी जी उठते हैं।
मनोविज्ञान के सन्दर्भ में इच्छाशक्ति या संकल्प वह संज्ञानात्मक प्रक्रम है जिसके द्वारा व्यक्ति किसी कार्य को किसी विधि का अनुसरण करते हुए करने का प्रण करता है। संकल्प मानव की एक प्राथमिक मानसिक क्रिया है। इसके अलावा प्रभावन, अभिप्रेरण, अभिज्ञान भी मानव के प्राथमिक मानसिक क्रियाएँ हैं। हारने और जीतने वालों में दृढ़ इच्छाशक्ति का ही फर्क होता है।
मेरी जिंदगी की कविता
जिंदगी में इच्छाशक्ति हमने बहुत रखी कि हम पतले हो जाए। मगर समय निकलता गया हम अपनी बात में इच्छा शक्ति रखते मगर दृढ़ इच्छाशक्ति नहीं रखते। किसी भी चीज को देखकर हमारा मन विचलित हो उठता उसको खाने का। काम, खाना, पीना, आराम, मस्ती था हमारा नारा। मिठाई से था हमारा साथ प्यारा अपनो के कहने पर कभी ना उनकी बात पर हमारा ध्यान गया। लगता दिन भर तो हम करते हैं काम। थोड़ा करते हैं आराम। खाएंगे पीयेंगे नहीं तो जीयेंगे कैसे हम। मन का नहीं खाएंगे तो संतुष्ट होंगे कैसे हम। मगर जब पांव में हुआ दर्द दिया घुटने ने जवाब तब डॉक्टर पति की बात समझ में आई।
जो अभी तक तो थी पत्थर पर पानी। हमेशा की तरह हमको प्यार से और थोड़ा गुस्से से बोले यह घुटने शरीर का बोझ उठाते हुए थक गए हैं। इनके ऊपर का वजन कम करो तो होगी तुम्हारी जिंदगी आसान फंडा हमारी समझ में आया। नहीं तो हो जाएगी दुश्वार हमारे भी समझ में आ गया इसी में है जिंदगी का सार। नहीं तो मर मर के जीना पड़ेगा दर्द को जिंदगी भर। झेलना पड़ेगा मरता क्या न करता। दृढ़ इच्छा शक्ति लगाई। भोजन, मिठाई में थोड़ी लगाम लगाई। कसरत के साथ दोस्ती बढ़ाई। साइकिल जो कभी छूट गई थी वापस चालू कर डाली। किसी को कुछ ना बोला। अपने मन से सब किया। जब वजन साढ़े 11 किलो कम हुआ। तब एक फोटो व्हाट्सएप पर फैमिली कोशेयर करा। वजन कांटे के साथ वजन लिख उनको सबूत के साथ बताया। बच्चे बोलने लगे मम्मी आप अमेजिंग हो आपने यह कर दिखाया। आप हमारी प्रेरणा हो। गये जब उनके घर। दोस्तों से उन्होंने हमको मिलवाया। यह बोल की मम्मी ने इस उम्र में भी इतना सारा वजन कम करा।
इस उम्र में भी राइटिंग चालू करके लेखक बनी और वजन कम करके हमारी प्रेरणा बनी। हमको गर्व है हमारी मम्मी पर
पति भी धीरे-धीरे मुस्कुराते हुए बोले हां देर आयद दुरुस्त आयद। करा है तो फायदा तो इसी को होगा। कब से कह रहा था।
हां बहुत अच्छा किया इसको जारी रखना। और एक फरमान सुना दिया। 5 किलो और कम कर लेना।
देखते हैं अब क्या होता है। इच्छाशक्ति तो यही है कि अच्छा अच्छा लेखन करें। और अपने वजन को भी कम कम करें
दृढ़इच्छाशक्ति का यह एक प्रमाण है की जिंदगी में सफलता हमने भी पाई दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ है।
एक लेखक बन, एक वजन कम कर।
