Richa Baijal

Drama


3.7  

Richa Baijal

Drama


डिअर डायरी डे 12

डिअर डायरी डे 12

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सुनो मेरी प्यारी डायरी,  05.04.2020

#लक्ष्मणरेखा वाली दिवाली 

11 दिन हो गए हैं लॉक डाउन को और आज हम कुछ नयी बात करेंगे यार। बहुत हो गयी कोरोना की बातें आज संडे है। और आज आप,मैं।हम सभी दीवाली मनाने वाले हैं। बहुत कुछ देख लिया है न अपन सब ने। जब बूढ़े हो जायेंगे तो हम अपने नाती -पोतों को बैठकर बता रहें होंगे, 'बेटा, कोरोना हुआ था,हाहा' जस्ट फील करो जो मैं कह रही हूँ, सच में बड़ा मज़ा आएगा और होठों पर मुस्कुराहट होगी :

लेकिन कोरोना की बात आज नहीं करेंगे, प्रॉमिस किया था। 

'बेटा, हमने डेमोनेटाइज़शन भी देखा था '

"वो क्या होता है,दादी ?",वो मेरी गोदी में बैठ कर सवाल कर रही होगी।

'बेटा, ये देखो वो पुराने वाले नोट, जो हमारे देश में पहले चलते थे '

(अपने किसी संदूक से निकाल कर मैं उसके हाथों में वो नोट दूंगी।नहीं यार,अलमारी तो रहेगी न अपने पास।हाहा )

"वाओ, दादी ये कितने सुन्दर हैं न ", उसकी गोल गोल उन आँखों में चमक होगी।

"अब,तो नहीं चलते ये दादी मम्मा- पापा तो मोबाइल से सब कुछ दिला देते हैं मुझे "

वो मासूम डिजिटल हो चुकी हमारी दुनिया की बात कर रही होगी।

'जी बेटा, अब नहीं चलते ये नोट '

"दादी, और कुछ बताओ न।", वो मुझे अपने नन्हे हाथों से हिला रही होगी।

'बेटा,ये देखो इस नोट में क्या -क्या ख़ास है,इसकी हरी से नीली होती लाइन को देखो,ध्यान से आरबी।आई। और भारत का नाम देखो, गाँधी जी को देखो।' 

(न जाने क्या -क्या समझा रही होउंगी मैं उसको )

"वाओ दादी, मैं इसे अपने फ्रेंड्स को दिखने के लिए स्कूल ले जाऊं ?"

'कल सुबह ले जाना बेटा ' 

(और फिर वो अपनी मासूमियत से सब कुछ अपने माँ - पा को बता रही होगी।और हम सब उसकी मासूमियत पर मुस्कुरायेंगे,कभी हँसेंगे )

कितना सुन्दर विसुअल है, है न ?

हम्म, तो आज क्या करोगे आप लोग, रात नौ बजे का तो मालूम है मुझे। उससे पहले ? रामायण,महाभारत, व्योमकेश बक्शी और शक्तिमान देखने के बाद क्या करोगे ? सच कहूं, जिनको पैसे की तकलीफ नहीं है तो, मज़ा आ रहा है की नहीं ? सच कहना।प्लीज। यार, इतनी व्यस्त सी लाइफ से टाइम मिला है, एन्जॉय करो। मैंने समझा कि अंताक्षरी में अब सॉन्ग ही याद नहीं आ रहे थे। क्यूंकि 4 -5 साल से इत्मीनान से सॉन्ग सुने ही नहीं।(अब सुनूंगी )

अभी तो दिन की शुरुआत है, चलो आज आगे के सपने देखते हैं। वो बुढ़ापा,और हमारी आराम कुर्सी।

फेस पर स्माइल आ गयी है क्या ? जब तक न आये, आज अपन ने यही करना है।

टेक केयर,फ्रेंड्स।

लव यू माय डायरी,

हैप्पी दिवाली, भारत।

(क्या हम कोरोना को "फ़क यू " कह सकते हैं ?।हाँ ?)

ऑन ए डिसेंट नोट,"गो कोरोना गो "। (जा भी यार,बहुत हुआ तेरा भी।)


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