चीज़ें नहीं इंसान ब्रांडेड खोजे
चीज़ें नहीं इंसान ब्रांडेड खोजे
तनु का रिश्ता हो गया था ! शादी की तारीख तय होने के बाद, ससुराल में जाने वाले सामान की लिस्ट के ऊपर खूब जोर शोर से काम हो रहा था ! टीवी से लेकर रेफ्रिजरेटर तक और फिर कार तक सब कुछ का इंतज़ाम हो गया था ! माँ बाप भाई सब भाग भाग कर सारा काम कर रहे थे ! तनु के पापा बहुत बड़े अफसर थे, इसलिए उन्होंने अपनी बेटी के लिए भी अफसर लड़के का ही चुनाव किया था ! तनु की शादी में जितने भी बाराती आये थे, सबको चाँदी के थाल भी उपहार के तौर पर दिए गए थे ! सब इंतज़ाम खास थे, धूमधाम से शादी हुई !
तनु विदा होकर ससुराल गयी, उसका पति अमित बहुत ही शांत किस्म का था, पर उसकी सास बहुत ही लालची प्रवृति की थी ! तनु के ससुर हमेशा अपनी बीवी की बात ही सुनते थे, या यूँ कहें सुनने को मजबूर थे ! थोड़े दिन तनु की सास का व्यवहार ठीक था, पर फिर उसने अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए ! जो भी सामान दहेज़ में आया था, उसमें से जो सामान उसको पसंद नहीं आया उसने उसे घटिया ब्रांड का कह कर सब तनु के मायके भेज दिया ! तनु के पिता जी ने उसके बदले और बढ़िया किस्म का सामान उनको वापस भिजवा दिया ! तनु इस सब से बहुत आहत थी ! अपने पति अमित को कुछ कहने का कोई फायदा नहीं था, क्योंकि वो अपनी माँ के आगे कुछ नहीं बोलता था !
इसी बीच तनु के घर एक प्यारे से बेटे ने जन्म लिया ! सास को अपने पोते के होने की ख़ुशी कम और तनु के घर से आये सामान की ज्यादा थी ! तनु को उसके मम्मी पापा ने बेटा होने पर सोने की चेन दी ! सास उम्मीद कर रही थी कि ये सोने की चेन तनु उसको उपहार में दे देगी, लेकिन तनु ने ये कहकर चेन देने से मना कर दिया कि ये उसके मम्मी पापा ने उसको दी है ! और तनु की बात अपनी जगह ठीक ही थी ! बस इस बात से उसकी सास भड़क गयी ! और तनु को कितनी बाते सुना दी, जैसे कि तुम मेरे बेटे की कमाई पर जी री हो वगैरह वगैरह ! तनु के पैरों तले जमीन खिसक गयी, क्योंकि शादी से पहले अमित ने ही नौकरी करने को मना किया था !
तनु को दिल ही दिल में ये बात लग गयी, उसने ये बात अपने दिल में रख कर अपने पिता जी को बोलकर प्रतियोगी परीक्षायों के फार्म भरना शुरू कर दिया ! अमित को ये बात पता चल गयी थी, पर तनु के इस कदम पर वो चुप रहा और तनु की मदद करने का निश्चय किया ! और कहते हैं ना कि "मेहनत करे इंसान, तो क्या हो नहीं सकता ? है कौन सा ज़रा जो फ़लक बन नहीं सकता ?" ! बस तनु की मेहनत रंग लायी और उसने अपनी परीक्षा पास कर ली थी ! आज तनु को नियुक्ति पत्र मिल गया था ! उसने अपनी सास के हाथ उसको पकड़ा कर बड़े प्यार से कहा ,"माँ जी आज से मैं अपनी कमाई से अपने बेटे और अपना पेट पालूंगी और जब अपने बेटे की शादी करुँगी, तब ब्रांडेड चीज़ो का मोह नहीं करूंगी ! कोशिश करूंगी मेरी बहू ब्रांडेड हो अच्छे गुणों से ! काश आप इंसान की कद्र करना सीख जाती ! ये सुन सास खामोश थी, अमित चुप था पर उसे अपने बेटे की माँ और अपनी पत्नी तनु पर गर्व था !
सच में आजकल भौतिक चीज़ो का मूल्य इंसान से ज्यादा हो गया है ! हमें इंसान की कद्र करनी चाहिए !
