अन्न का महत्व
अन्न का महत्व
एक बार की बात है, एक परिवार में चार लोग थे। पति पत्नी और उनके दो बच्चे। वह लोग एक दिन घूमने गए थे। रास्ते में उन्होंने कुछ लोगों को देखा, वह लोग दूसरे लोगों से पैसे मांग रहे थे ताकि वह कुछ खा सकें। कुछ लोग उन लोगों की सहायता कर रहे थे तो कुछ उन्हें बुरा भला कह कर उनकी सहायता नहीं कर रहे थे। बच्चों ने अपने माता-पिता से पूछा " कि ऐसा क्यों है कि उन लोगों के पास खाना नहीं है?" माता पिता ने जवाब दिया, " कि वह लोगों के पास पैसे नहीं है इसलिए वह खाना नहीं खा पा रहे हैं।" माता-पिता ने बच्चों से यह भी कहा, " कि हमें उन सब लोगों की सहायता करनी चाहिए और कभी भी उन्हें गलत नहीं कहना चाहिए। " तभी वह सब लोग बाहर खाना खाने गए । उन सब ने खाना खा लिया पर बच्चों की थाली में खाना बचा था । वह खाने को फेंकने ही जा रहे थे। तभी उनके माता-पिता ने उन्हें रोका और कहा , " बच्चों तुम यह क्या कर रहे हो ? खाने को फेंकना सही नहीं है हमें खाने को कभी भी बर्बाद नहीं करना चाहिए। हमें पहले उतना ही खाना लेना चाहिए जितना हम एक बार में खा सकते हैं और फिर आवश्यकता अनुसार और ले लेना चाहिए। हमें अन्न की कदर करनी चाहिए क्योंकि ऐसे काफी लोग हैं जो इस अन्न के लिए तरस रहे हैं। " बच्चे समझ गए वह बोले , " क्यों ना हम इस खाने को पैक करवा ले और उन लोगों को दे जिन्हें इसकी आवश्यकता है। वह लोगों ने खाना पैक करवाया और उन लोगों को दे दिया। उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वह देख वह परिवार भी मुस्कुरा उठा। इससे हमें यह ज्ञान हुआ कि हमें कभी भी अन्न को बर्बाद नहीं करना चाहिए और सदैव जिन लोगों को जरूरत है उनकी मदद करनी चाहिए ।
