आपका पूरा किया हुआ कोई संकल्प
आपका पूरा किया हुआ कोई संकल्प
हमारे जीवन में संकल्प का बहुत महत्व है। दृढ़ संकल्प से व्यक्ति के जीवन का निर्माण होता है। व्यक्ति चाहे तो संकल्प से अपने जीवन को परिवर्तित कर सकता है। उत्कृष्ट व दृढ़ इच्छा को ही संकल्प कहते हैं। शरीर, वाणी और मन अर्थात मन वचन और कर्म से किया गया काम संकल्प है।
पहले मैं बेहद कुंठित रहती थी। मुझे बहुत खलता था कि जो काबलियत मुझ में थी, उस योग्य में बन नहीं पाई, थी उस मुकाम पर मैं पहुंच नहीं पाई।
जिस सम्मान की मैं हक़दार थी, मुझे नहीं मिला। जो कुछ मैं करना चाहती थी, कर नहीं पाई। जीवन समझौतों में या कहें कि समर्पण में गुजर रहा था। अपनी मर्जी से कुछ करने की आज़ादी नहीं थी।
किसी न किसी वज़ह से किसी न किसी कारण से मैं दबती गई। यही वज़ह रही, इस कमतरी ने मुझे चिड़चिड़ी, निराशा वाली और कुंठित बना दिया।
मैं कुंठा से ग्रसित थी, फिर एक दिन मुझे एक अवसर मिला। मैने संकल्प लिया। मुझे अपनी पहचान बनानी होगी। यूँ कुंठित रहने से नहीं चलेगा। मुझे अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी। मंज़िल तक पहुंचने के लिए प्रयास करना होगा। हिम्मत करनी होगी। यूँ हाथ पर हाथ धर कर बैठने से ज़िंदगी नहीं बदलेगी, न ही मेरी स्तिथि सुधरेगी। बस, कर लिया फैसला। शहर के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ने स्वेक्षिक सेवा का आह्वान किया, जहां समाज के वंचित बच्चों को उनके समय और स्थान के मुताबिक शिक्षा में सहायक बनना था। मैने हामी भर दी और ये क्षणिक निर्णय नहीं था। आज भी मैं उस कार्य को बदस्तूर जारी रखे हूं। मैने अपना संकल्प मन, वचन और कर्म से पूरा किया।
