आजादी के गुमनाम वीर सिपाही
आजादी के गुमनाम वीर सिपाही
हम बहुत खुशनसीब हैं। जो हमने आजाद भारत में जन्म लिया है। यह आजादी हमको ऐसे ही नहीं मिली है। बहुत लोगों की शहादत बहुत लोगों की हिम्मत बहुत गुमनाम लोगों की शहादत का नतीजा है यह आजादी, जब देश गुलाम था तब कितना कत्लेआम था। हर इंसान डर के जीता था।
हर घर में अंग्रेजों के पिट्ठू थे। तो उसी घर में आजादी के बाशिंदे भी थे। क्या समय रहा होगा, सोच सोच कर फिर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं ।
तो वह समय तो हर मां बाप के लिए कितना मुश्किल रहा होगा। कितने मांओं ने अपने बच्चों को मातृभूमि पर निछावर किया होगा।
कितने सुहागनों के सुहाग उजड़े होंगे। इस मातृभूमि की रक्षा करने तब जाकर मिली आजादी है। कितनी बहनों ने अपना रक्त बहाया होगा। किस मुश्किल से अंग्रेजों को बाहर देश से खदेड़ा होगा। हिंसक अहिंसक आंदोलन दोनों के चलते मिली हमको यह आजादी है। कितने गुमनाम फरिश्तों के खून से रंगी है यह आजादी है।
अफसोस है जाते जाते भी अंग्रेज लोग कूटनीति कर गए। देश को दो हिस्सों में बांट गए। विशाल भूखंड में बटवारा कर भाई को भाई के विरुद्ध लड़ा गए।और देश के अंदर बैठे बहुत से राजकारणी भी अपने काले कारनामों से बाज नहीं आ रहे हैं। लोगों को भड़का कर जगह-जगह आंदोलन और दंगे करवाना इन लोगों को रास आ गया है। जब तक आम जनता नहीं समझेगी तब तक यह ऐसा ही चलता जाएगा। और हम राजनीतिक गंदी राजनीति के मोहरे बन जाएंगे। इसीलिए जागो देशवासियों आजादी के इस अमृत महोत्सव पर खाते हैं हम या कसम गंदी राजनीतिक चालों को कामयाब ना हम होने देंगे।
देश से गंदगी हटाकर सही और विकासशील सत्ता हम लाएंगे। वंदे मातरम, हम इस देश के वासी हैं। हम आजाद भारत के वासी हैं।
हमको आजादी बहुत प्यारी है। इससे ना हम किसी को खिलवाड़ करने देंगे। जो भी कोशिश करेगा उसको मुंह की खानी पड़ेगी उसको मजा हम चखाएंगे। स्वच्छ और सुदृढ़ नेतृत्व वाला भारत हम बनाएंगे।
