STORYMIRROR

Mens HUB

Inspirational Others

3  

Mens HUB

Inspirational Others

09 अजब गजब

09 अजब गजब

2 mins
200

अरे कहां रहते हो भाई इतने दिन दिखाई नहीं दिए

बस व्यस्तता कुछ ऐसी थी की मुलाकात का वक्त ही नहीं निकल पाया।

तो आज कैसे निकाल लिया वक्त।

आज कुछ अजब गजब मामला आया है बस सुनाए बिना चैन नहीं पड़ा इसीलिए आ गया।

बहुत अच्छा तो अब जल्दी से बेचैनी दूर कर लो और सुना डालो।

तो सुनो ध्यान से।

हा हा सुनाओ

एक चोर है और चोरी करते पकड़ा गया।

अब भाई चोर है तो चोरी करेगा ही। और चोरी करेगा तो कभी न कभी पकड़ा भी जायेगा इसमें अजब गजब क्या है।

उसे सजा भी सुना दी गई।

अब भई पकड़ा गया तो सजा भी होगी ही इसमें भी अजब गजब कुछ नहीं दिखता।

अब चोर जेल नहीं जा रहा कोर्ट में ही अड़ कर बैठा है।

अच्छा ऐसा कैसे हो सकता है जब सजा हो गई तो जेल तो जाना ही पड़ेगा।

पुलिस जबरदस्ती नहीं ले गई या जज साहब ने उठा कर ले जाने का आदेश नहीं दिया।

दिया था परंतु उसका तर्क वजनदार है इसलिए पुलिस और जज भी उसके साथ है।

ऐसा है तो यह मामला वास्तव में अजब गजब है।

बस इसीलिए तुम्हारे पास सुनाने चला आया।

बहुत अच्छा किया। वैसे उसका तर्क क्या है।

उसका कहना है की सजा सुना देना ही काफी है सजा भुगताना जरूरी नहीं है।

अरे वाह ऐसा कैसे हो सकता है अगर सजा हुई है तो भुगतना भी जरूरी है। 

वो चोर कह रहा है की जब जॉनी डेप एम्बर हर्ड को सजा दिलवा चुकाने के बाद यह कहते हुए छोड़ सकता है को एम्बर के लिए सजा भुगतना जरूरी नहीं तो क्या हमारे जज साहब जॉनी डेप से गए गुजरे है।

जॉनी डेप गया गुजरा नहीं है और जज साहब भी भला जॉनी से गए गुजरे कैसे हो सकते है।

बस इसीलिए चोर कह रहा है की सजा सुना दी इतना काफी है अब उसे उसके घर छोड़ कर आओ। 

तर्क तो वजनदार है।

है ना।

बहुत वजनदार



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Inspirational