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Yogesh Kanava

Abstract Inspirational

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Yogesh Kanava

Abstract Inspirational

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी

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ज़िन्दगी

नदी के दो छोर सी 

रोटी के एक कोर सी 

कठपुतली की डोर सी 


ज़िन्दगी 

समंदर के साहिल सी 

दफ्तर की फाइल सी 

अनसुलझे मसाइल सी 


ज़िन्दगी 

आंधी की रेत सी 


विधवा के खेत सी 

बाँझ के हेत सी 


ज़िंदगी 

भोर का गीत सी 

वियोगी मीत सी 

हारी हुई जीत सी 


ज़िंदगी 

तुलसी की माला सी 

रामनामी दुसाला सी 

गाँव की गउशाला सी 

ज़िंदगी 

मन की अभिलाषा सी

सब कुछ पाने की आशा सी 

चौराहे पर तमाशा सी 

ज़िंदगी 

बजते हुए गज़र सी 

ठहरी हुयी डगर सी 

अलसाए नगर सी 

ज़िंदगी 

चूनर धानी सी 

बरसाती पानी सी 

नानी की कहानी सी 

ज़िंदगी

मोहन से मीत सी

राधा के प्रीत सी

मीरा के गीत सी

ज़िंदगी

बस्ती सुनी सी

जोगी की धूनी सी 

कपास की पूनी सी

ज़िंदगी

सुलगती आंच सी

दरकते कांच सी

अनदेखे साँच सी 

ज़िंदगी 

सावनी फुहार सी 

कजरी मल्हार सी 

बसंत बहार सी 

ज़िंदगी दोपहर तपती सी 

क़र्ज़ में खपती सी

गजों में नपती सी 

ज़िंदगी

मचलते अरमान सी 

अपने मेहमान सी 

देवी के वरदान सी 

ज़िंदगी 

मंच पर अभिनीत सी 

समाज की रीत सी 

मनमौजी मीत सी 

ज़िंदगी 

धर्म के उत्कर्ष सी 

जटायु के संघर्ष सी 

विदुर के विमर्श सी 

ज़िंदगी 

कभी सहेली सी 

कभी नवेली सी 

एक पहेली सी !



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