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Taj Mohammad

Abstract Tragedy Action

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Taj Mohammad

Abstract Tragedy Action

यूं रो कर ना विदा करो।

यूं रो कर ना विदा करो।

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यूं रो कर ना विदा करो हम जा ना पाएंगे।

तेरे अश्क मेरे पैरो की ज़ंजीर बन जायेंगे।।1।।

बड़ी मुश्किल से संभाला है इस दिल को।

जानें दो फिर जल्दी घर लौट कर आएंगे।।2।।

हमको याद कर के कभी रोना नहीं तुम।

वरना हम सुकून से कहीं पे ना रह पायेंगे।।3।।

दिल तो करता है हमेशा पास रहूं मैं तेरे।

पर बिना दौलत के ये घर कैसे चलाएंगे।।4।।

तेरी सब बातों को हम हमेशा याद रखेंगे।

दिल को तेरा अहसास हर वक्त कराएंगे।।5।।

ये दिल तुम्हें पल भर के लिए ना भूलेगा।

तुम्हारे वजूद में कुछ यूं हम ढल जायेगें।।6।।



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