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Anupriya Anupriya

Romance

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Anupriya Anupriya

Romance

यूँ ही

यूँ ही

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80

एक महफ़िल में मेरा ज़िक्र उठता है,

देखा है, सुना है,

तेरी आंखें भी कुछ कम मशहूर नहीं

ये तेरा पलों को जीना, रुकना, दिल की सुनना,

शायद मैंने कभी किया नहीं

तेरा दीदार खूबसूरत है,

के अफसाना अभी बना नहीं

तुझे लिखा है आज यूँ ही,

उम्मीद है तुझे ऐतराज़ नहीं।


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