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Kawaljeet GILL

Abstract Classics Inspirational

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Kawaljeet GILL

Abstract Classics Inspirational

यकीन कर ले मुझ पर ...

यकीन कर ले मुझ पर ...

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तुझसे दूर रहकर भी देख लिया 

बेवफा नही था नाटक कर के भी देख लिया,

तेरा प्यार सिर्फ मेरे लिए था ऐतबार हो तो गया,

तुझको रुलाया गर मैंने तो खुद भी रोकर देख लिया,

जुदा रह कर ना जी पाएंगे हम दोनों ये यकीन 

जरा देर से ही सही पर हो गया अब तो,


 एक रोज भी तुम मुझसे नाराज़ रहते हो,

ना ही ये दिन गुजरता है ना ही ये रात,

ये रात आँखों मे ही ठहरी रहती है,

जाने कब सुबह हो जाती है पता ही नही चलता,

 वफ़ादारी की उम्मीद तुमसे करके गलत किया मैंने,

मैं खुद ही बेवफाई कर बैठा तुमसे,

इम्तिहान तुम्हारे किस हक़ से ले रहे थे,

ये हक तो हमको किसी ने ना दिया था,


देर से ही सही पर अब होश आ गया मुझको,

अब ये प्यार का बन्धन निभाएंगे हम तुम,

साथ साथ मिलकर चलेंगे रास्ते जुदा ना होंगे हमारे,

धोखा ना कभी दूँगा तुमको इम्तिहान का दौर खत्म हो गया,

अब हर पल साथ तेरा निभाऊँगा यकीन कर ले मुझपर,

तेरा हूँ तेरा ही रहूँगा सातो जन्म साथ निभाऊँगा ।


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