STORYMIRROR

HARDIK RUDANI

Classics

2  

HARDIK RUDANI

Classics

यही ज़िन्दगी है

यही ज़िन्दगी है

1 min
186

ज़िन्दगी का सिलसिला

यू ही चलता रहेगा


कभी खुशी से उछलेगा ये दिल,

थो कभी टकरा के रोएगा


कोई रह के चला जाएगा

दिल के इस आशियां में यारा


तो कोई आके घर बसा लेगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics