STORYMIRROR

Shayra dr. Zeenat ahsaan

Abstract

4  

Shayra dr. Zeenat ahsaan

Abstract

ये कैसी तैयारी

ये कैसी तैयारी

1 min
210

ये कैसी तैयारी हैं, ये कैसी तैयारी

सबको चिन्ता भारी हैं, ये कैसी तैयारी

भारी बस्ता, हालत खस्ता,

शिक्षा हम पे भारी हैं,

प्रवेश की मारामारी हैं,

ये कैसी तैयारी, ये कैसी तैयारी हैं


1. नई ड्रेस और बैग साथ में,

जूते, मोज़े मिलते हैं,

जहाँ भी ये स्कूल कहेगा

वही पे ये तो सिलते हैं,

सबमें कमीशन भारी हैं,

ये कैसी तैयारी हैं


2. होस्टल, खेलकूद, समरकैम्प

और जाने क्या क्या सपने हैं

क्लासेज़, पिकनिक, बस की सुविधा

लुटे जाते अपने हैं

लूट की नीति भारी हैं,

ये कैसी तैयारी हैं


3. सरकारी स्कूलों की

खत्म है बेल्यू सारी,

भेदभाव की नीति हैं

ताना- शाही भारी

आज हमारी बारी हैं

कल हैं आपकी बारी,

ये कैसी तैयारी हैं


4.शिक्षा माफिया वालों ने तो

क़ब्ज़ा हैं कर डाला,

बिना योग्यता वालों का तो

बढ़ गया बोल बाला

बाबू भी लेते हैं अब तो

देखों नोट हज़ारी,

ये कैसी तैयारी हैं


5.आओ मिलके हम सब

फिर ये आवाज़ उठाये,

शिक्षा को बेचा न जाये

वो क़ानून बनायें

अब न ठहरों, अब न सोचों,

समझों ज़िम्मेदारी,

ये कैसी तैयारी हैं

ये कैसी तैयारी हैं


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract