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Zuhair Abbas

Abstract


4.6  

Zuhair Abbas

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ये ज़िंदगी है

ये ज़िंदगी है

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इतना आसान कहाँ

ये ज़िन्दगी है वक़्त लगता है

बस उम्मीद के दामन को थामे रखो

ये ज़िन्दगी है वक़्त लगता है।


ज़रा सी ठोकर पर

ना इरादों को मायूस होने दो

हौसला रखो इरादा करो

ये ज़िंदगी है वक़्त लगता है।


किसी के लफ्जों पर

खुदके किरदार का ना फैसला करो

यहाँ मतलब के लिए

ज़ुबानों का बदलना आम होता है।


बहुत मिलेगे यहाँ

मोहब्बत का नाम लकर बर्बाद करने वाले

यूँ हर हसीन चेहरे से

ना चाहत की उम्मीद रखा करो।



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