STORYMIRROR

Zuhair abbas

Abstract

3  

Zuhair abbas

Abstract

ये ज़िंदगी है

ये ज़िंदगी है

1 min
240

इतना आसान कहाँ

ये ज़िन्दगी है वक़्त लगता है

बस उम्मीद के दामन को थामे रखो

ये ज़िन्दगी है वक़्त लगता है।


ज़रा सी ठोकर पर

ना इरादों को मायूस होने दो

हौसला रखो इरादा करो

ये ज़िंदगी है वक़्त लगता है।


किसी के लफ्जों पर

खुदके किरदार का ना फैसला करो

यहाँ मतलब के लिए

ज़ुबानों का बदलना आम होता है।


बहुत मिलेगे यहाँ

मोहब्बत का नाम लकर बर्बाद करने वाले

यूँ हर हसीन चेहरे से

ना चाहत की उम्मीद रखा करो।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract