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Acharya Neeru Sharma(Pahadan)

Abstract Classics

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Acharya Neeru Sharma(Pahadan)

Abstract Classics

यात्रा

यात्रा

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राही है हम

चल दिए आज फिर

एक नए सफ़र पर,

मंज़िल है


कुछ दूर सही पर

रास्ते बड़े खूबसूरत हैं

इन नज़ारों को लेकर संग अपने

चलना है हमें मंज़िल की ओर


राही हैं हम

यात्रा शुरू जो की है

इस सुहाने सफ़र की तो

मंज़िल पर पहुँचकर

इक नया आगाज़ होगा।


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