STORYMIRROR

NARENDRA SHARMA

Tragedy Others

2  

NARENDRA SHARMA

Tragedy Others

यादें

यादें

1 min
95

जिंदगी मेरी नासूर है, तेरे जाने के बाद में।

वो बात मेरी माना, बहुत समझाने के बाद में।।

और कदर करो, किसी के जिंदा रहते ग़ालिब,

पछतावा, आंसू बेकार है, गुजर जाने के बाद में।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy