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Awadhesh Uttrakhandi

Abstract

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Awadhesh Uttrakhandi

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याद

याद

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वो पल बहुत याद आते हैं,

वो भाई से लड़ना, दोस्तों सँग कंचे खेलना,

याद पल वो बहुत आते हैं मुझे,

अमिया के पेड़ पे चढ़ के खाना

और फिर छुप जाना कही देख न ले कोई,

वो जामुन के दानो पे झगड़ा करना,

याद बहुत आता है, स्कूल मै तख्ती उठाया न जाना,

और नाक को हाथ से पोछना, वो पल बहुत याद आते है,

थोड़ा अल्हड़ थोड़ा नटखट पर हर किसी का दिल चुराना,

कभी जंगल तो कभी बाजार, कभी मेले तो कभी उनसे नजरें करना चार,

वो पल याद बहुत आते है, दोस्तों के लिए खत लिखना

और वो शेरो शायर करना याद बहुत आता है.. बचपन के दिन...


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