Kiran Pingat
Romance
क्यों होंठ तेरे खामोश हैं
आओ इन्हें अल्फ़ाज़ दे दूं
तेरे तन्हा लम्हों को
आओ एक मुलाकात दे दूँ
मैं खुद से हूं भले परेशां
तुझे खुश रहने का अंदाज़ दे दूं
तू कल ना जाने कहाँ हो
आओ तुम्हें मैं अपना आज दे दूं।
मै कुछ नही ते...
राधे
याद उसकी
याद नहीं आती
याद 😞
दर्द
वक्त
अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में। अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में।
तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था ! तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था !
एक तुम्हारा दिल और एक परछाई, जो मेरे दिल की थी। एक तुम्हारा दिल और एक परछाई, जो मेरे दिल की थी।
खास दिन का और महज़ चंद रुपयों की चीज़ का मोहताज कोई क्यूँ रहे। खास दिन का और महज़ चंद रुपयों की चीज़ का मोहताज कोई क्यूँ रहे।
निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है! निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है!
तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो। तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो।
लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में। लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में।
अर्ध मौन, अर्ध अभिव्यक्ति तुम तुम अर्ध प्रेम की भाषा। अर्ध मौन, अर्ध अभिव्यक्ति तुम तुम अर्ध प्रेम की भाषा।
तू क्यों आता है लौट के जाने के लिये कैसे खुद में थाम लूँ, बसा लूँ खुद में तुझे। तू क्यों आता है लौट के जाने के लिये कैसे खुद में थाम लूँ, बसा लूँ खुद में तु...
तुम कहो तो तुम्हारे नाम एक गज़ल लिख दें बरस जाओगे क्या बेवजह तुम्हे बादल लिख दें। तुम कहो तो तुम्हारे नाम एक गज़ल लिख दें बरस जाओगे क्या बेवजह तुम्हे बादल लिख ...
नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा
तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है। तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है।
आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन है। आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन ह...
पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं। पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं।
वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक… वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक...
खिले पँखुरिया ज्यों गुलाब की , ऐसे अधर खिले तेरे ! खिले पँखुरिया ज्यों गुलाब की , ऐसे अधर खिले तेरे !
रे पागल मन यहाँ किसका हुआ तू दीवाना कैसे बताऊँ तुझे कितना ज़ालिम है ज़माना। रे पागल मन यहाँ किसका हुआ तू दीवाना कैसे बताऊँ तुझे कितना ज़ालिम है ज़माना।
अनुरागी लालिमा कपोलों पर छटा इंद्रधनुषी-सी खिल गई। अनुरागी लालिमा कपोलों पर छटा इंद्रधनुषी-सी खिल गई।
ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स, ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स,
बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा। बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा।