STORYMIRROR

Kiran Pingat

Abstract

4  

Kiran Pingat

Abstract

याद नहीं आती

याद नहीं आती

1 min
531

दिल जब टूटता है तो

आवाज़ नहीं आती,


हर किसी को दोस्ती

रास नहीं आती,


यह तो अपने अपने

नसीब की बात है,


कोई भूलता ही नहीं और

किसी को याद ही नहीं आती !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract