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Kiran Pingat

Abstract

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Kiran Pingat

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याद नहीं आती

याद नहीं आती

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दिल जब टूटता है तो

आवाज़ नहीं आती,


हर किसी को दोस्ती

रास नहीं आती,


यह तो अपने अपने

नसीब की बात है,


कोई भूलता ही नहीं और

किसी को याद ही नहीं आती !


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