week - 24 माँ
week - 24 माँ
हम बच्चे गिली मिट्टी तो कुम्हार है माँ
हर मुश्किल में साथ देती एसी हिम्मत है माँ
जीवन का आरंभ, पुण्य विचार है माँ
रक्षा, शिक्षा, प्रगति के लिए आभार है माँ
जीवन की कठिन परिस्थितियों में हमेशा रहे हरदम पास ऐसा साथ है माँ
जीवन के सुखद पलों, हर कामयाबी में छिपा आशीर्वाद है माँ
प्रथम गुरु सन्तान की, शिष्टाचार, संस्कार है माँ
जीवन का केंद्र और स्थिर आधार है माँ
एक उद्देश्य, एक संदेश सन्तान की श्रेष्ठता है माँ
सन्तान के सपनों को साकार करने में एक सहयोग है माँ
सुबह जल्दी उठाने वाला अलार्म है माँ
देर रात में जो मन तृप्त कर जाए ऐसा चाय का प्याला है माँ
जीवन की तपती धूप में शीतल छांव है माँ
जिसके चरणों में बसे शक्ति, सुकून, विश्राम है माँ
बरसात में आशीष का छाता है माँ
जीवन की भाग दौड़ में प्यार भरी छांव है माँ
बुरी नजर से बचाए ऐसा काला टीका है माँ
हर दर्द की बन सहेली ऐसा मरहम है माँ
माँ ममता भरी सारथी, करुणामय स्पर्श है माँ
जिसकी गोद में सर रख थकान को मिटाती वो सुकून है माँ
पाकर तेरे हाथों का स्पर्श तुझ में सिमट, सहारे की उम्मीद में तुझ से लिपट एसी लता है माँ
कठिन परिस्थितियों में हर मुश्किल से लड़ जाती हूँ, तेरी ही दुआ का असर है माँ
एक प्यारा एहसास अनमोल तोहफा जीवन का होती है माँ
पिरोया जिसे नहीं जा सकता जिसे शब्दों की वर्णमाला में एसी निःशब्द भावना है माँ
ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ देन, मंदिर, शिवाला है माँ
अपने बच्चों पर लुटाए ममता, वात्सल्य ऐसा प्रेम अनुराग है माँ
मेरी क़लम को मिली प्रेरणा तुम से है माँ
अपने मन के भावों को काव्य रूप में कहती हूँ माँ
रहे सदा मुझ पर तेरा आशीष ,तुम ही मेरे दिल की ज़ज्बात हो माँ
कल्पना नहीं कर सकती अपने जीवन की तुम्हारे बिना माँ
तुम बिन नीरस मेरी कविता, काव्य शाला माँ ।
