Week-10 मेरे पापा मेरे हीरो
Week-10 मेरे पापा मेरे हीरो
पेड़ की शीतल छांव जैसे मेरे पापा
जिंदगी की धूप में घने साये से मेरे पापा
धरा पर ईश्वर का रूप है मेरे पापा
कभी मेरा अभिमान तो कभी स्वाभिमान है मेरे पापा
जन्म दिया अगर माँ ने तो इस संसार से परिचित कराकर एक पहचान है मेरे पापा
पकड़ बाहें जिनकी झूलते खेलते हैं हम अविचल खड़े परिवार की आधारशिला है मेरे पापा
हमारी हर भूल को जो कभी प्रेम से तो कभी डाँट कर समझाते पापा
दिखा जिन्होंने पथ जीवन भर दिखाते सभी के लिए आश्रय स्थल है मेरे पापा
बूंद बूँद सबको समेटे है पापा
अँधेरों में हौसला देते मेरे पापा
ग़मों की भीड़ में लड़ना सिखाए मेरे पापा
परिवार की हिम्मत और विश्वास है मेरे पापा उम्मीद और आशा की पहचान है
जो बहती धारा सा अविरल बहता, अनुभवों का जो पिटारा है मेरे पापा
जो जीवन में हमारे रंग भरते आशीष जिनका सर पे होता
हर कदम पर ठोकरों से हमे बचाता, वो है मेरे पापा
माँ यदि उज्जवल भविष्य तो संस्कार है मेरे पापा दिल की बाते आँखों से जान लेते मेरे पापा
बेटियों का घर बसा देने पर भी उन्हें अपने दिल में बसा ये रखते हैं पापा
ता उम्र अपने बच्चों को प्यार से संजोए रखते हैं पापा
पापा से ही मेरा संसार, उनकी गोद में सर रख मैं अपने दुःख दर्द भूल जाती हूँ,उनके हाथ के स्पर्श से बस सुकून पाती हूँ
खुशियाँ जिनसे हमारे जीवन में, जिससे हमारे जीवन का सुनहरा कल होता है, मिलती उनको कामयाबी जिनके सर पर पिता का हाथ होता है
बना रहे जीवन में मेरे सदा पापा का आशीर्वाद, न कभी मैं हूँ निराश
मेरे पापा सबसे प्यारे और मेरे हीरो हैं।
