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Phool Singh

Tragedy

4  

Phool Singh

Tragedy

वूमन प्रोटेक्शन एक्ट

वूमन प्रोटेक्शन एक्ट

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अंधा-बहरा क्यूं गूंगा बना तू

क्यूं नजरिया तेरा पक्षपाती रहा

उत्पीड़न कभी यौन शोषण करता 

कभी तेजाब चहेरे पर फैंक दिया।।


पहनावा कभी रंग-रूप पर 

टिप्पणी कभी नैन-नख्श पर करता गया

अवरुद्ध करते विकास मार्ग को

परेशान महिलाओं को सार्वजनिक-कार्यस्थल पर करता रहा||


मजबूर करता आत्महत्या को 

जला-मार कभी टुकड़ों में उसे काट दिया

मान-सम्मान कभी झूठी शान की खातिर

कभी फांसी पर टांग दिया।।


किसे कहे और करे किससे शिकायत

उसकी हंसी में बात को टाल दिया 

नशा पितृसत्ता-पुरुषसत्ता का ऐसा चढ़ा है

नारी के संग क्यूं पशुत्व के जैसा व्यवहार किया।।


स्कूल, घर-परिवार वो कहाँ सुरक्षित 

गहन सोच-विचार इस पर किया गया 

सुरक्षा कानून बने उसकी खातिर 

देर से सही पर सुरक्षा का अधिकार उसे दिया गया||


अधिनियम बना जब लिंगवाद का 

शिकंजा अपराधियों पर फिर जकड़ा गया

अपराध होते है हर मिनट में

कड़ा रोकने का प्रयास उनको किया गया।।


यौन उत्पीड़न बना शख्त नियम एक

दोषी जिससे पकड़ा गया

क्यूबिकल,कक्षा व कार्यस्थल पर 

उसका मानसिक -शारीरिक शोषण होता रहा।।


घरेलू हिंसा का शिकार जो होती

अधिकार उन्हें महिला संरक्षण अधिनियम का दिया गया

मात-पिता कभी भाई-मित्र से 

शोषण पति या लिव-इन पार्टनर द्वारा होता रहा।। 


गुप्त पहचान संग सुरक्षा देता

दर्ज ब्यान गुमनाम तरह से किया गया

भारतीय दंड संहिता के अंदर आता

अधिकार नया उसे दिया गया||


मैटरनिटी लाभ का विशेषाधिकार 

हर महिला को दिया गया 

कामकाजी है जो भी महिला 

अधिकार फुल पेड़ लीव का उसे दिया गया।।


क्रिमिनल प्रोसीजर कोड है ऐसा

प्रावधान गिरफ्तारी का जिसमें रखा गया

गिरफ्तार न होगी सुबह 6 बजे से पहले

न ही शाम 6 बजे के बाद का अधिकार पुलिस को दिया गया।।


सैलरी का कानून भेदभाव रोकता

पास समान पारिश्रमिक अधिनियम किया गया

हितों की रक्षा उनकी करता

कार्यस्थल पर अन्याय के खिलाफ जो लड़ा गया||


संस्कृति और परंपरा के पीछे छुपा हुआ जो 

उस बाल, जबरन विवाह को रोका गया 

बाल विवाह निषेध अधिनियम बनाया निश्चित की गई उम्र शादी की 

जिससे जबरन विवाह को रोका गया||


दंडनीय अपराध है दहेज लेना-देना

अक्सर दुल्हन के परिवार से मांगा गया

प्रताड़ित करते जो नारी को 

उन्हे दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम से रोका गया||


फ्री लीगल एड का अधिकार दे 

नारी को सीमित इन्कम का दायरा किया गया

मांग कर सकती मुफ़्त क़ानूनी सहायता

दरवाजा कोर्ट का खोला गया||


अबॉर्शन कराने की अनुमति देता

पास मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेन्सी एक्ट किया गया

मानसिक रूप से तैयार नहीं जो 

करने गर्भ न धारण का अधिकार दिया गया।।


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