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Shraddhaben Kantilal Parmar

Abstract Children Stories

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Shraddhaben Kantilal Parmar

Abstract Children Stories

वतन

वतन

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फूलों से लहराती धरती से,

मिट्टी की खुशबू है आई।


मन महका ए सूरज की किरणे छाई,

चंद्रने ठंडी शीतलता प्रसाराई।


प्यार से गाए तोता - मैना ,

ऐसी कोयलने मधुर कुंज सुनाई।

मेरी वतन की याद आज आई।


वहा सुनाई दादी हररोज परियों की कहानी,

वो अंगना में खेल रहे थे होली।


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