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Shraddhaben Kantilal Parmar

Action Thriller

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Shraddhaben Kantilal Parmar

Action Thriller

कलम की रफ़्तार

कलम की रफ़्तार

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कलम की रफ़्तार बढ़ती जा रही है

हाले दिल का हाल बयां करती जा रही है।


कभी मुस्कान तो कहीं आंसू लिखती है

बिताया हुआ हर लम्हा याद करती जा रही है।


ए मेरे कलम की रफ़्तार बढ़ती जा रही है

मेरे जीने की वजह लिखती है।



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