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Shraddhaben Kantilal Parmar

Inspirational

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Shraddhaben Kantilal Parmar

Inspirational

मेरी मिट्टी मेरा देश

मेरी मिट्टी मेरा देश

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मेरे वतन की मिट्टी की खुश्बू मेरी सांसे महका जाती है

मैं जहा भी रहूं उसकी याद ए बारिश की बूंदे ले आती हैं।

मेरा देश मेरी जान है उसकी धरती मेरी पहचान है।

खो जाता हूं मेरे घर की उस गलियों मैं

जहा दोस्तों के साथ हसी ठिठौली किया करते हैं।

याद आ रही है बड़ो की डांट

जब गलती करने पे प्यार से देते थे ।

कितने सुहाने थे वो दिन जो मेरे हिन्दुस्तान मे जिए

आज मेरी मिट्टी मेरा देश बुला रहा है मुझे

पर वापिस लौट के जा भी नही पा रहा

मेरे देश की हरियाली वो प्यार भरी बातें

वो खेल खेल में होती थी तकरारें

आज भी चेहरे पे मुस्कुराहट ले आती है।

मेरी मिट्टी मेरा देश मेरी जान है

इसलिए तो कहते हैं मेरा भारत महान है।



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