वतन की सोंधी मिट्टी
वतन की सोंधी मिट्टी
वतन की सोंधी मिट्टी की बात निराली है,
कतरे- कतरे से खुशबू वफ़ा की आती है,
कितने वीर शहीद हुए इस मिट्टी में,
तिरंगे को अपना कफ़न बनाया,
तन मन से लिपटाकर मिट्टी की खुशबू,
देशभक्ति को अपना मजहब बनाया,
देश के लिए होकर कुर्बान देश की मिट्टी में दफन हो जाऊं,
गोली खाऊं जब सीने में देश की मिट्टी से मैं लिपट जाऊं,
यही जज्बा दिल में लिए देश के लिए फना हो गए,
देश की मिट्टी से मोहब्बत का फ़र्ज़ अदा कर गए,
सच्चे वीरों की अमर कहानी है वतन की मिट्टी,
देशभक्तों के शौर्य और पराक्रम की गवाह है वतन की मिट्टी।
