STORYMIRROR

GURU SARAN

Inspirational

3  

GURU SARAN

Inspirational

वतन के आशिक

वतन के आशिक

1 min
206

     मुल्क में अपने अमन चाहिए

       हर जन्म मे यही वतन चाहिये   

    शहीदों की फेहरिश्त मे अपना नाम चाहिए

    मुझको भी तिरंगा क़फन चाहिए। 


     मेरे वतन में अमन की बयार हो

     आपस में भाईचारा, प्यार हो

      मजहबों में चंदन हम क्यों बंटे

       इंसानियत का अपना संसार हो। 


       सलामत रहे वतन हमारा

        सर हमारा रहे ना रहे

       जीए मरे हम वतन के वास्ते

        कोई वीर हमको कहे ना कहे। 


        सारे जहां में मशहूर है

        भारत के वीर जवान

         इसी लिए हम कहते है

       जय जवान जय किसान। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational