STORYMIRROR

GURU SARAN

Inspirational

4  

GURU SARAN

Inspirational

सरहद के निगेहबान

सरहद के निगेहबान

1 min
262

हथेली पर रखते है अपनी जान

सरहद के निगेहबान

वे असली हीरो है वतन के

माँ भारती की शान। 


नापाक इरादे से जो छुएगा

मेरी माँ के दामन को

बच ना पायेगा वो दुश्मन

बुरी नजर से जो देखेगा प्यारे चमन को। 


आशिक वतन के

मौत से कब डरते है

जिस्म गिरता है

वे नही मरते है। 


हर सैनिक की यही तमन्ना होती है

शहीदों की फेहरिस्त मे उसका नाम आए

वतन के वास्ते

ये जिंदगी काम आए। 


माँ का प्यार, पिता का दुलार

बहन की राखी, महबूबा की आँखो का इंतजार

ये सब उसे भी याद आता है

पर सैनिक सरहद पर सब भूल जाता है। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational